स्वयंसेवा करके देखिए!
स्वयंसेवा से नए दोस्त बनते हैं, नए हुनर सीखने को मिलते हैं और साथ ही दूसरों की मदद भी होती है। जैसे छोटे बच्चों को पढ़ाई में मदद करना, पार्क की सफ़ाई या मोहल्ले के आयोजन में हाथ बँटाना। महीने में कुछ घंटे भी बड़ा फ़र्क़ ला सकते हैं। आप मंदमर्री में किस काम में मदद करना चाहेंगे? कमेंट में लिखिए।