चन्द्रपुर: इतिहास
12वीं से 18वीं शताब्दी तक चंद्रपुर गोंड वंश की राजधानी थी। बाद में नागपुर के मराठा भोंसले ने इसे जीत लिया। 1854 से भारत के स्वतंत्र होने (1947) तक यह ब्रिटिश मध्य प्रांत का हिस्सा था। यह ब्रिटिश शासन के दौरान चांदा नाम से जाना जाता था। इस स्थान का प्राचीन नाम लोकपुर भी था, जो आगे चलकर इंदुपुर और उसके बाद चन्द्रपुर के नाम से जाना गया। इस ज़िले के प्राचीन स्थल वैरागड, कोसल, भद्रावती और मार्कण्डा हैं। चन्द्रपुर पर काफ़ी लंबे समय तक हिन्दू और बौद्ध राजाओं का शासन रहा है। बाद में गोंड राजाओं ने इस पर अधिकार कर लिया जिन्होंनें 1751 तक यहाँ शासन किया। गोंड़ राजाओं ने पहले शिरपुर, बल्लारपुर फिर चंद्रपुर से अपना राज कारभार किया। लगभग 550 साल गोंड़ शासकों ने इस प्रदेश पर राज किया है। 1751 में गोंड़ राजाओं से नागपुर के भोसलों ने जीत लिया। उसके 1818 में अंग्रेजो से युद्ध के बाद में इसे ब्रिटिश शासन में मिला लिया गया।