बिहटा: इतिहास
बिहटा का इतिहास बहुत ही गौरव शैली रहा है, स्वतंत्रता आंदोलन में श्री चन्द्रिका सिंह, श्री गंगा शरण सिंह जैसे लोगों का अमूल्य योगदान रहा है। यहाँ के चीनी मिल का चीनी कभी पूरे देश में प्रसिद्द हुआ करता था और ये आस-पास के किसानों के लिए नगदी फसल गन्ना का बहुत बड़ा बाजार हुआ करता था, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण १९९० के आसपास चीनी मिल को बंद करना पड़ा और इस छेत्र से गन्ने की खेती लगभग विलुप्तप्राय हो गई है। पिछले २ दशक से यहाँ के किसान चीनी मिल के फिर से चालू होने की आशा में थे लेकिन पिछले साल बिहार सरकार द्वारा चीनी मिल के पुराने भवन को तौर के उस ज़मीन एक शुष्क बंदरगाह का निर्माण कराया गया है जिसके कारण अब किसानों की यह आशा भी समाप्त हो गई है।