दलसिंहसराय: इतिहास
इसका नाम अघोरी के 9 वें गुरु दलपत सिंह के नाम पर रखा गया है। इससे पहले इसे अघोरिया घाट कहा जाता था। यह शहर ब्रिटिश शासन के दौरान इंडिगो की खेती का केंद्र रहा है। 1902 में पूसा में इस शहर के करीब एक इंडिगो रिसर्च इंस्टीट्यूट भी खोला गया। आस-पास के क्षेत्रों में तंबाकू की अधिक मात्रा होने के कारण ब्रिटिश शासन के अधीन एक सिगरेट कारखाना भी था।