नए पड़ोसियों का स्वागत
पहले दिन मिला गर्मजोशी भरा अभिवादन नए लोगों को घर जैसा एहसास देता है। बस अपना परिचय देना और बाज़ार या दवा की दुकान का रास्ता बताना ही बहुत मदद है। कुछ लोग शायद अभी स्थानीय भाषा या रीति-रिवाज़ों से परिचित न हों, इसलिए धैर्य ज़रूरी है। आइए आनन्दपुर साहिब को सबका स्वागत करने वाली जगह बनाएँ। नए लोगों के लिए आपकी क्या सलाह है?