बारामती: इतिहास
इतिहास में यह नगर "भीमथडी" नाम से प्रसिद्ध था। शिवकालीन बारामती तहसील के सूपे परगणा में समावेश था। सूपे परगणा के प्रमुख संभाजी मोहिते की बहन तुकाबाई शहाजीराजे की पत्नी थी, यानि यह शहाजी भोसले का ससुराल था। आज भी सूपे गाँव में इतिहास के निशान मिलतें है। अप्पा साहेब पवार, अजित पवार, सुप्रिया सुळे पवार, सुनंदा पवार इन्होंने सामाजिक कार्य, राजनीतिक, शैक्षणिक कार्य बारामती में बहुत ही अनोखे ढंग से किया है। यहाँ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरदचंद्र पवार का जन्म हुआ था। शरद पवार की जन्मभूमी काटेवाडी है, जो बारामती के पास है। बारामती तहसील के शक्कर कारखाने सहकारी और प्रायव्हेट चलते हैं।बारामती में एम आय डी सी को अच्छी प्रसिद्धी मिली है। वेस्पा यह दुपहिया यहाँ की प्रसिद्द गाडी है। बारामती की औद्योगिक बस्ती का भी अच्छा विकास राजकीय नेतृत्व की दूरदृष्टी के कारण हुआ है। महाराष्ट्रा के भूमिपुत्र और लोकनेते के नाम से जिन्हें लोक मान्यता मिली है ऐसे माननीय शरदचंद्रजी पवार साहेब की दूरदृष्टी के कारण संपूर्ण बारामती तहसील का कायापालट संभव हुआ है। कृषी, उद्योग, खेती पूरक व्यवसाय, सहकारी संस्था इन सब का जाला तहसील में निर्माण किया है। बारामती को एक नियोजित शहर बनाने के काम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने में माननीय अजितदादा पवार इनका योगदान भी महत्त्वपूर्ण रहा है।