नागपुर: इतिहास
नागपुर शहर की स्थापना देवगड़ (छिंदवाड़ा)के शासक गोंड वंश के राजा बख्त बुलंद शाह ने की थी।यहां आज भी गोंड काल की भव्य इमारत हैं।संतरे की राजधानी के रूप में विख्यात नागपुर महाराष्ट्र का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। पर्यटन की दृष्टि से यह महाराष्ट्र के अग्रणी शहरों में शुमार किया जाता है। यहां बने अनेक मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें और झील यहां आने वाले सैलानियों के केन्द्र में होते हैं। इस शहर से बहने वाली नाग नदी के कारण इसका नाम नागपुर पड़ा। नागपुर की स्थापना देवगढ़ के गोंड राजा बख्त बुलंद शाह ने 1703 ई. में की थी। यह शहर 1960 तक मध्य भारत राज्य की राजधानी था। 1960 के बाद यहां की मराठी आबादी को देखते हुए इसे महाराष्ट्र के जिले के रूप में शामिल कर लिया गया। 9890 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस जिले में 13 तहसील और 1969 गांव शामिल हैं।