राजनांदगाँव: इतिहास
राजनांदगांव का इतिहास रियासत काल से जुड़ा है। यह क्षेत्र पहले 'नंदगांव स्टेट' नामक रियासत के अंतर्गत आता था, जिसकी स्थापना 18वीं सदी में हुई थी। इस रियासत का शासक मराठा मूल के रहे और इन्हें ब्रिटिश काल में भी मान्यता प्राप्त थी। राजनांदगांव के अंतिम राजा महामहिम राजा महंत घासीदास थे, जो साहित्य, धर्म और समाज सुधार में रुचि रखते थे।
शहर का नाम 'राजा' + 'नंदगांव' से मिलकर बना है, अर्थात 'राजाओं का नंदगांव'। स्वतंत्रता के पश्चात यह क्षेत्र मध्य प्रदेश का हिस्सा रहा और 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ इसका महत्व और बढ़ा।