मोइरांग: इतिहास
द्वितीय विश्वयुद्ध के समय मोइरांग आजाद हिंद फौज का मुख्यालय था। पहली बार भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के कर्नल शौकत मलिक द्वारा 14 अप्रैल 1944 को मोइरांग में भारतीय ध्वज फहराया गया था। यह मणिपुरी लोगों की मदद से किया गया था, जिनमें श्री मायेरंबम कोइरेंग सिंह भी शामिल थे, जो INA के सदस्य थे। भारत की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष को दर्शाती एक भारतीय राष्ट्रीय सेना संग्रहालय भी है।