सोहागपुर: इतिहास
सोहागपुर का पूर्व नाम सोणिकपुर था। हजारो साल पहले यह जगह भगवान शिव के परम भक्त बाणासुर की नगरी हुआ करती थी । जिसका हजारो साक्ष्य आज भी नगर में मौजूद है। नगर का हनुमान नाका जो कि नर्मदापुरम रोड पर स्थित है वहाँ कुछ वर्ष पूर्व भगवान भोले की अनोखी मूर्ति खुदाई कर दौरान मिली जिसमे जगदीश हरे की आरती का चित्रशः वर्णन है। इसलिए इसे श्रोणितपुर के नाम से जाना जाता है।जमनी स्थित तालाब में माँ गोरा स्नान करती थी ।