Heimatgeschichte · Jaitu ·

जैतो: इतिहास व नामोत्पत्ति

जैतो: इतिहास व नामोत्पत्ति

कुछ वर्णनों के अनुसार, शहर का नाम बाबा जैतो पर रखा गया था। मान्यता है कि गुरु गोबिंद सिंह जी इस शहर आए थे और एक टीले पर बैठे थे, जब उन्होंने किसी संयासी को रोते हुए देखा। जब उन्होंने पूछा कि वह क्यों रो रहा है, तो उत्तर आया कि उसका कटोरा गंगा नदी में बह गया था। गुरु जी ने ज़मीन पर तीर मारा, जिस से धरती फटी और एक जलाशय उभर आया जिसमें संयासी का कटोरा हुआ मिला। आगे चलकर टीले पर और झील खुलने के स्थान पर दो गुरद्वारे बनाए गए, जिनका नाम गुरद्वारा टिब्बी साहब जी और गुरद्वारा गंगसर साहब जी रखा गया।

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Quelle: Text: Wikipedia – „जैतो“, Autorinnen und Autoren (Versionsgeschichte), CC BY-SA 4.0 · Foto: Stalinjeet Brar, CC BY-SA 4.0 – Wikimedia Commons