धामपुर: इतिहास
सन् 1805 में पण्डारी घुसपैठियों ने धामपुर बरबाद कर दिया था। सन् 1933 में यहाँ धामपुर शुगर मिल्ज़ आरम्भ हुई जो क्षेत्र की एक पहली बड़ी चीनी की मिल थी और जिसमें प्रतिदिन 300 टन गन्ना निचोड़ने की क्षमता थी। धामपुर 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध सुल्ताना डाकू की कार्यभूमि भी थी जो अंग्रेज़ी ठिकानों को निशाना बनाकर उनसे रुपया व हथियार लूटता था। यह वास्तव में एक स्वतंत्रता समर्थक था लेकिन ब्रिटिश सरकार उसे डाकू कहती थी।
धामपुर से 38 किमी दूर विदुर कुटि स्थित है जहाँ महाभारत के दुर्योधन से अनबन के बाद महात्मा विदुर ने अपना शेष जीवन काटा। कालिदास के अभिज्ञानशाकुन्तलम् महाकाव्य के अनुसार श्री कृष्ण ने यहीं कन्व आश्रम की यात्रा करी थी।