घाटमपुर: इतिहास
माना जाता है कि घाटमपुर की स्थापना राजा घाटमदेव ने की थी। शहर के पूरब में कूष्मांडा देवी का एक प्राचीन मन्दिर है जो हिन्दुओं की श्रद्धा का महान केंद्र है।जो नवरात्रि में चौथी देवी क़े रूप मैं पूजी जाती है, जहां कार्तिक पूर्णिमा में हर साल विशाल मेले का अयोजन होता है शहर के दक्षिण में एक ऐतिहासिक बौद्ध मन्दिर है। शहर की पूर्वोत्तर दिशा में १३ किलोमीटर दूर भीतरगांव नामक स्थान पर एक गुप्तकालीन प्राचीन मन्दिर है। 20 किलोमीटर दक्षिण में जिला हमीरपुर स्थित है जिसे पवित्र नदी यमुना ने घाटमपुर से अलग किया है। कानपुर की सबसे बडी तहसील होने का गौरव भी इसे प्राप्त है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इसकी स्थापना राजा घाटमदेव ने की थी जिस कारण इसका नाम घाटमपुर पड़ा।