शिकोहाबाद: इतिहास
शिकोहाबाद का नाम पहले कृष्णपुर था। इस स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण और जरासंध के बीच सभी युद्ध इसी स्थान पर हुए। तभी भगवान कृष्ण ने चौमुखी मंदिर की स्थापना की थी। यह नगर यदुवंशी राजाओं के राज्य की सीमा हुआ करता था। उनके बाद मुगल शासक मोहम्मद गोरी ने यहां आक्रमण कर दिया था और मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया लेकिन मंदिर में विराजमान शिवलिंग को छू भी नहीं सका था। मोहम्मद गौरी ने इसका नाम बदलकर मोहम्मदाबाद कर दिया था। बाद में औरंगजेब से परेशान उसके भाई दारा शिकोह ने यहां भगबंत के बाग में रह कर प्रेम संदेश का पाठ पढ़ाया था। दारा शिकोह की हत्या कर दी गयी उसकी याद में किशनपुर से शिकोहाबाद कर दिया गया। लेकिन बैनामा दस्तावेज में किशनपुर मोहम्दाबाद लिखा जाता है।