Heimatgeschichte · Ajaigarh ·

अजयगढ़: संक्षिप्त-इतिहास

अजयगढ़: संक्षिप्त-इतिहास

ब्रिटिश राज के दौरान अजयगढ़, राजसी-राज्य अजयगढ़ की राजधानी था। बुन्देलखंड राज्य के वीर महाराजा छत्रसाल बुन्देला(1649-1731) के वंशज बुंदेला क्षत्रिय जैतपुर के महाराजा कीरत सिंह बुन्देला के पौत्र (दत्तक पुत्र गुमान सिंह बुन्देला के पुत्र) बखत सिंह बुन्देला ने सन १७६५ में इस राज्य की स्थापना की थी। जो 1792 सन तक बुन्देलों ने शासन किया!1792 में नबाबों ने कब्जा कर लिया! जो कि 1804 तक रहा! 1804 में ठाकुर लक्ष्मण सिंह दऊआ ने नबाबों को हराकर यहाँ दऊआ (यादव) राजवंश की स्थापना करी! 1807 में अजयगढ़-राज पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया था और तब यह 'सेंट्रल इंडिया एजेंसी' की 'बुंदेलखंड एजेंसी' का भाग बनाया गया। 1809 में यह राज्य फिर से बुन्देलों को अंग्रेज़ों ने सौंप दिया! जो कि 1855 तक चला राजा बिजय सिंह का 1855 में अकस्मात निधन हो जाने के कारण राज्य की बागडोर राज माता ने ली! तब इस राज्य के मंत्री ठाकुर रणजोर सिंह दऊआ थे,जो कि ठाकुर लक्ष्मण सिंह दऊआ की पीड़ी के वंशज थे और निम्नीपार किले के जागीरदार थे जब राजा बिजय सिंह का निधन हो गया तो इस राज्य पर पड़ोसी राज्य जोकि बांदा नबाब थे !उनकी बुरी नजर थी इस राज्य पर! नबाब इस राज्य को हड़प लेना चाहते थे! लेकिन ठाकुर रणजोर सिंह दऊआ के होते यह सब मुमकिन न हो सका!और 1855 में ठाकुर लक्ष्मण सिंह दऊआ के वंशज ठाकुर रणजोर सिंह दऊआ ने फिर से दऊआ(यादव) राजवंश की स्थापना करी! और तब से लेकर 1947 तक इसी राजवंश के शासकों ने शासन किया!

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Quelle: Text: Wikipedia – „अजयगढ़“, Autorinnen und Autoren (Versionsgeschichte), CC BY-SA 4.0 · Foto: Sharadjadiya, CC BY-SA 4.0 – Wikimedia Commons