मदद माँगने में कोई शर्म नहीं
बहुत-से लोग पड़ोसियों से मदद माँगने में झिझकते हैं, जबकि ज़्यादातर लोग ज़रूरत का पता चलते ही ख़ुशी से मदद करते हैं। बल्ब बदलना, चिट्ठी पढ़कर सुनाना या भारी सामान उठाना आसानी से किए जा सकने वाले काम हैं। सगरमाथा अंचल में आपको किस चीज़ में मदद चाहिए? बेझिझक यहाँ लिखिए।