दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव: इतिहास
दमन और दीव 1520 के दशक से 19 दिसंबर 1961 तक पुर्तगाली भारत के उपनिवेश रहे। वहीं दादरा और नगर हवेली 1779 से 11 अगस्त 1961 तक पुर्तगाली नियंत्रण में रहे।
1961 में भारत सरकार द्वारा सैन्य कार्रवाई के बाद इन क्षेत्रों को भारत में शामिल किया गया।
दमन और दीव 1962 से 1987 तक गोवा, दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा रहे। 1987 में गोवा को राज्य का दर्जा मिलने के बाद यह अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गया।
2019 में भारत सरकार ने दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के विलय का प्रस्ताव रखा, जिसे संसद ने मंजूरी दी और 26 जनवरी 2020 से यह नया केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आया।