उत्तराखण्ड – केदारखण्ड और मानसखण्ड की देवभूमि
उत्तराखण्ड का इतिहास पुराणों में गहराई से जुड़ा है। स्कन्द पुराण में हिमालय के पाँच खण्ड बताए गए हैं, जिनमें केदारखण्ड (गढ़वाल) और कुर्मांचल या मानसखण्ड (कुमाऊँ) शामिल हैं। पौराणिक ग्रंथों में यहाँ ऋषि-मुनियों की तपस्या और राजा कुबेर की राजधानी अलकापुरी का वर्णन मिलता है, जो बद्रीनाथ से ऊपर मानी जाती है।
इतिहासकारों के अनुसार हूण, शक, नाग और खस जैसी जातियाँ भी हिमालय के इस क्षेत्र में बसीं। कई वर्षों के आंदोलन के बाद 9 नवंबर 2000 को यह भारत का 27वाँ राज्य बना, और 2007 में इसका नाम उत्तराखण्ड हुआ। अपनी पहाड़ी कहानियाँ समुदाय के साथ साझा करें!