मेघालय – 'बादलों का घर' और नवपाषाणकालीन विरासत
मेघालय का अर्थ है 'बादलों का घर'। यहाँ लोग नवपाषाण युग से रहते आए हैं, और अब तक मिले नवपाषाण स्थल प्रायः खासी और गारो पहाड़ियों जैसे ऊँचे स्थानों पर हैं। पुरानी झूम खेती की परंपरा आज भी यहाँ देखी जा सकती है।
मानव इतिहास में मेघालय का महत्त्व धान की खेती से भी जुड़ा है: कुछ विद्वानों के अनुसार पूर्वोत्तर भारत घरेलू चावल की उत्पत्ति के सबसे अनुकूल क्षेत्रों में से एक है। भारी वर्षा और खनिज-संपन्न पठारों ने यहाँ के जीवन को आकार दिया है। आज शिलांग इसकी राजधानी है। क्या आपके पास मेघालय की कोई कहानी या परंपरा है? समुदाय के साथ साझा करें!