पंजाब (भारत) – गुरु नानक देव और सिख परंपरा की धरती
15वीं और 16वीं शताब्दी में पंजाब के इतिहास ने नया मोड़ लिया, जब गुरु नानक देव की शिक्षाओं से यहाँ भक्ति आंदोलन को बल मिला और सिख पंथ का उदय हुआ, जिसका उद्देश्य धर्म और समाज की कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोबिंद सिंह ने सिखों को खालसा पंथ के रूप में संगठित किया।
इससे पहले यहाँ मौर्य, यूनानी, शक, कुषाण और गुप्त जैसी अनेक शक्तियों का उत्थान और पतन हुआ। बाद में महाराजा रणजीत सिंह ने पंजाब को एक शक्तिशाली सिख साम्राज्य में बदल दिया। आज पंजाब अपनी खेती, संगीत और आतिथ्य के लिए प्रसिद्ध है। अपनी कहानी समुदाय के साथ साझा करें!