राजस्थान – राजपूताना, राजाओं की भूमि
राजस्थान को 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने 'राजपूताना' नाम दिया, और इतिहासकार जेम्स टॉड ने इसे 'राजस्थान' कहा। मध्यकाल में राजपूतों के विभिन्न वंशों ने इस क्षेत्र के अलग-अलग भागों पर शासन किया और उन्हें अपने वंशों के नाम दिए – यही विरासत आज भी किलों, महलों और परंपराओं में दिखती है।
इससे बहुत पहले, उत्तरी राजस्थान सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा था। भील और मीणा जनजातियाँ यहाँ सबसे पहले बसीं, और ऋग्वेद में मत्स्य जनपद का उल्लेख है; महाभारत के अनुसार पांडवों ने राजा विराट के यहाँ अज्ञातवास बिताया। आज यह क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा राज्य है। अपनी कहानी साझा करें!