जम्मू और कश्मीर – 'राजतरंगिणी' और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत
जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। 12वीं शताब्दी में कवि कल्हण द्वारा लिखी गई 'राजतरंगिणी' कश्मीर के राजाओं का इतिहास बताती है और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों में गिनी जाती है। कश्मीर घाटी सदियों तक विद्या, दर्शन, कविता और शिल्पकला का केंद्र रही।
जम्मू क्षेत्र अपने मंदिरों और पहाड़ी परंपराओं के लिए जाना जाता है, जबकि कश्मीर की झीलें, बाग़ और हस्तशिल्प – जैसे शॉल और कालीन – दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं। विभिन्न भाषाएँ और समुदाय मिलकर इस क्षेत्र की अनूठी पहचान बनाते हैं। क्या आपके पास यहाँ की कोई कहानी, लोकगीत या परंपरा है? समुदाय के साथ साझा करें!