ओडिशा – ओड्र देश और कलिंग की प्राचीन भूमि
ओडिशा का नाम संस्कृत के 'ओड्र देश' से निकला है। ओड्र लोगों का उल्लेख पाली और संस्कृत साहित्य में मिलता है, और प्लिनी तथा टॉलमी जैसे यूनानी लेखकों ने भी उनका वर्णन किया है। महाभारत में ओड्रों का ज़िक्र उत्कल, कलिंग और आन्ध्र के साथ हुआ है – ये नाम इस क्षेत्र के समृद्ध अतीत की गवाही देते हैं।
सदियों तक यह भूमि मंदिरों, समुद्री व्यापार और कला का केंद्र रही। आज ओडिशा में चार करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, और यहाँ भारत की अनुसूचित जनजातियों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी है। बंगाल की खाड़ी का लंबा तट भी इसकी पहचान है। क्या आपके पास ओडिशा की कोई कहानी है? समुदाय के साथ साझा करें!