दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव – पुर्तगाली अतीत से 2020 तक
इस केंद्रशासित प्रदेश का इतिहास पुर्तगाली काल से गहराई से जुड़ा है। दमन और दीव 1520 के दशक से 19 दिसंबर 1961 तक पुर्तगाली भारत का हिस्सा रहे, जबकि दादरा और नगर हवेली 1779 से 1961 तक पुर्तगाली नियंत्रण में रहे। 1961 में ये क्षेत्र भारत में शामिल हुए, और पुर्तगाली वास्तुकला की छाप आज भी यहाँ के किलों और चर्चों में दिखती है।
दमन और दीव 1962 से 1987 तक गोवा, दमन और दीव का हिस्सा रहे। 26 जनवरी 2020 को दोनों केंद्रशासित प्रदेशों के विलय से यह नया प्रदेश बना, जिसकी राजधानी दमन है। क्या आपके पास यहाँ की कोई कहानी है? समुदाय के साथ साझा करें!