झारखण्ड – मुण्डा और भूमिज जनजातियों की प्राचीन धरती
झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया मुण्डा और भूमिज जनजातियों ने शुरू की। छोटानागपुर में मुण्डा नेता रिसा मुण्डा ने सुतिया पाहन को शासक चुना और सुतिया नागखण्ड नामक राज्य की स्थापना की। भूमिज जनजाति ने धालभूम, सिंहभूम, मानभूम और आसपास के क्षेत्रों में अपना राज्य स्थापित किया, जो ब्रिटिश शासन के आगमन तक चला।
इससे बहुत पहले, हजारीबाग में लगभग 5000 साल पुराने गुफा चित्र और 1400 ईसा पूर्व के लोहे के औज़ार मिले हैं। आज झारखण्ड, जिसकी राजधानी राँची है, छोटानागपुर पठार पर बसा वनों से समृद्ध राज्य है। अपनी कहानी समुदाय के साथ साझा करें!