छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य
छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था।
यहाँ की महानदी, जिसे तब चित्रोत्पला कहा जाता था, का उल्लेख मत्स्य पुराण, महाभारत और ब्रह्म पुराण में मिलता है, और वाल्मीकि रामायण में भी यहाँ के घने वनों का वर्णन है। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ भारत का 26वाँ राज्य बना। आज यह बिजली और इस्पात उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। अपनी कहानी समुदाय के साथ साझा करें!