मुरादाबाद जिला: इतिहास
पूर्व में यह शहर चौपाला नाम से जाना जाता था जो हिमालय के तराई और कुमाऊं क्षेत्रों में व्यवसाय और दैनिक जीवनोपयोगी वस्तुओं की प्राप्ति का प्रमुख स्थान रहा है बाद में इसका वर्तमान नाम यह सन् १६०० में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ के बेटे मुराद के नाम पर रखा गया; जिसके कारण इस शहर का नाम मुरादाबाद पड़ गया। यह मुरादाबाद जिले का प्रशासकीय मुख्यालय है। मुरादाबाद राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से १६७ किमी (१०४ मील) की दूरी पर राम गंगा नदी (गंगा की उपनदी) के किनारे स्थित है। यह शहर उत्तरी अमरीका व यूरोप को अपने पीतल हस्तशिल्प के बड़े निर्यात के लिए प्रसिद्व है व इसलिए इसे "पीतल नगरी" (स्थानीय भाषा में) भी कहा जाता है। इसमें विभिन्न धर्मों व जातियों के लगभग ४० लाख लोग निवास करते हैं।