सुलतानपुर जिला: इतिहास
सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश राज्य का एक ऐसा भाग है जहां अंग्रेजी शासन से पहले उदार नवाबों का राज था। पौराणिक मान्यतानुसार आज का सुलतानपुर जिला पूर्व में गोमती नदी के तट पर मर्यादा पुरुषोत्तम "भगवान श्री राम" के पुत्र कुश द्वारा बसाया गया कुशभवनपुर नाम का नगर था। यहाँ का एक राजपूत राजवंश भाले से लड़ने में माहिर था जिन्होंने खिलजियों का डट कर मुकाबला किया जिसके कारण उन्हें 'भाले सुल्तान' की उपाधि प्राप्त हुई। भाले सुल्तान की उपाधि के नाम पर इस नगर को सुलतानपुर के नाम से बसाया गया। यहां की भौगोलिक उपयुक्तता और स्थिति को देखते हुए अवध के नवाब सफदरजंग ने इसे अवध की राजधानी बनाने का प्रयास किया था, जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। इतिहासिक काल से ही सुल्तानपुर जिले में विभिन्न क्षत्रिय(राजपूत) कुलों का राज रहा है जिसमे राजकुमार ठाकुरों का जिले के 1/4 हिस्से पर राज था इसके अतिरिक्त बगोटिस,बैस,भाले-सुल्तान,कछवाहा ठाकुरों(राजपूत) का भी राज था जिले के लगभग 76% क्षेत्र पर क्षत्रियों
का शासन था।