शाहजहाँपुर जिला: इतिहास
१९८८ के शाहजहाँपुर डिस्ट्रिक्ट गजेटियर के पृष्ठ १२ पर दिए गए प्रमाणोंके अनुसार इस जिले की पुवायाँ तहसील के सुनासर घाट में राजा इन्द्र ने अनेकों वर्ष तप किया था वहाँ स्थित शिव पार्वती की मूर्ति इस कथा का आज भी किम्बदन्तियों में बखान करती है। इसी प्रकार जलालाबाद तहसील में स्थित जमदग्नि आश्रम तथा उससे आधे मील दूर रामताल के समीप परशुराम के मन्दिर में परशुराम का फरसा आज भी देखा जा सकता है। शाहजहाँपुर से पश्चिम में स्थित गोला गोकर्णनाथ का मन्दिर त्रेता युग की कहानी कहता हुआ प्रतीत होता है। जलालाबाद में ही तिकोला का देवी-मन्दिर इसे द्वापर युग से जोडता है। प्रचलित जनश्रुति के अनुसार यहाँ पर पाण्डवों ने अज्ञातवास में कुछ दिन बिताये थे।