ग़ाज़ियाबाद: इतिहास
गाजियाबाद नगर की स्थापना १७४० में मुगल सम्राट मुहम्मद शाह के वजीर गाजी-उद-दीन ने कोलकाता से पेशावर तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक रोड पर की थी, और उनके नाम पर इसे तब गाजी-उद-दीन नगर कहा जाता था। मुगल काल में गाजियाबाद और इसके आसपास के क्षेत्र (विशेषकर हिंडन के तट) मुगल शाही परिवार के लिए पिकनिक स्थल थे। १७६३ में भरतपुर के राजा सूरज मल की मृत्यु रुहेलों के हाथों इसी स्थान के पास हुई थी। गाजियाबाद की १८५७ के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी भूमिका रही थी। मई १८५७ में यहाँ दिल्ली तक जाने वाले हिंडन मार्ग की रखवाली कर रहे सेनानियों का सामना ब्रिटिश सेना की एक छोटी सी टुकड़ी से हुआ था, जिसमें उन सेनानियों की हार हुई थी।
१८६४ में नगर में रेलवे के आगमन के साथ ही नगर के नाम को "गाजीउद्दीननगर" से छोटा कर "गाजियाबाद" कर दिया गया। दिल्ली और लाहौर को जोड़ने वाली सिंध, पंजाब और दिल्ली रेलवे की रेल लाइन को अम्बाला से गाजियाबाद तक उसी वर्ष खोला गया था। १८७० में सिंध, पंजाब और दिल्ली रेलवे की अमृतसर-सहारनपुर-गाजियाबाद लाइन के पूरा होने के साथ, नगर मुल्तान से भी सीधी रेल सेवा से जुड़ गया, और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन ईस्ट इंडियन रेलवे और सिंध, पंजाब और दिल्ली रेलवे का जंक्शन बन गया। इन्हीं वर्षों में यहां वैज्ञानिक समाज की स्थापना हुई, जिसे सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक आंदोलन में एक मील का पत्थर माना जाता है। ब्रिटिश राज की अधिकांश अवधि के दौरान मेरठ और बुलंदशहर के साथ-साथ गाजियाबाद भी मेरठ सिविल जजशिप के तहत जिले के तीन मुंसिफों में से एक था। नगर के मध्य में तब दो चौड़े बाजार थे, जहाँ ईंट से निर्मित दुकानें थी। उन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक नगर में दो अन्य बाजारों का भी निर्माण हुआ, जिनको उन्हें स्थापित करने वाले कलेक्टरों के नाम पर राइट-गंज और वायरगंज कहा गया। १८६८ से ही गाजियाबाद में नगरपालिका है। १९४७ में भारत की स्वतंत्रता के बाद नगर में नवगठित पाकिस्तान से लोगों के आगमन और वहां के पंजाब प्रान्त से व्यवसायों के स्थानांतरण के फलस्वरूप कई कल-कारखानों की स्थापना हुई। १९६७ में गाजियाबाद नगरपालिका की सीमाओं का विस्तार दिल्ली-यूपी सीमा तक हो गया था।
दिल्ली-एनसीआर का गेटवे, गाज़ियाबाद को "Gateway of Uttar Pradesh" कहा जाता है, लेकिन इसके पीछे एक और आधुनिक कारण है – यह दिल्ली से सटा हुआ सबसे पहला शहर है जहाँ से उत्तर प्रदेश की सीमा शुरू होती है। यह इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का बेहद अहम हिस्सा बनाता है।