Heimatgeschichte · Tiruchirappalli West ·

तिरुचिरापल्ली: इतिहास

तिरुचिरापल्ली: इतिहास

वर्तमान समय में तिरुचिरापल्ली ( त्रिशिरगिरि ) का एक महत्‍वपूर्ण हिस्सा वरैयूर है, 3000 ई. पूर्व यह चोल साम्राज्‍य की राजधानी था। तिरुचिरापल्ली में कुछ समय तक मुगल शासकों ने भी राज किया। इसके पश्चात् इस पर विजयनगर के शासकों ने कब्जा किया। विजयनगर के शासकों के राज्यपाल ने इस क्षेत्र में 1736 ई. तक शासन किया। इनका नाम विश्वनाथ नायक था। इन्होंने उस समय तेप्पकुलम ( मन्दिर के प्रांगण में एक तालाब का निर्माण ) और किले का निर्माण करवाया था। बाद में यह नायक वंश के अधीन आया। इसके कुछ वर्षो के बाद तिरुचिरापल्ली पर चांद साहिब और मोहम्मद अली ने शासन किया। आखिर में यह स्‍थान अंग्रेजों के हाथों में चला गया। जल्द ही यह क्षेत्र ईस्ट इंडिया कम्पनी को दे दिया गया। यह क्षेत्र कर्नाटक युद्ध की पूर्वसंध्या पर एक समझौते के तहत ईस्ट इंडिया कम्पनी को दिया गया था। यह जिला ब्रिटिशों के अधीन लगभग 150 वर्षो तक रहा।

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Quelle: Text: Wikipedia – „तिरुचिरापल्ली“, Autorinnen und Autoren (Versionsgeschichte), CC BY-SA 4.0 · Foto: Arian Zwegers, CC BY 2.0 – Wikimedia Commons