Heimatgeschichte · Jalandhar - Ii ·

जलंधर: नाथ इतिहास सन्दर्भ

जलंधर: नाथ इतिहास सन्दर्भ

भारत देश मे नाथों का सबसे प्राचीन इतिहास रहा हे कहते हैं नाथों के नाम से भारत मे बहुत से तीर्थ हें और इनके नाम से कुछ नगरो के नाम भी हें जलंधर जिले का नाम भगवान आदिनाथ यानिकि शिव जी के शिष्य जालंधर नाथ पर रखा गया ।, जिसका उल्लेख नाथ ग्रन्थ और महाभारत में भी हुआ है । नाथ पंथ के गोरख नाथ पर भी एक नगर का नाम हे गोरखपुर । गोरख नाथ के गुरु मत्स्येन्द्र नाथ के नाम से एक मत्स्य देश भी था । जबकि कुछ मानते हैं कि जलंधर का अर्थ पानी के अंदर होता है तथा यहां पर सतलुज और बीस नदियों का संगम होता है इसलिए इस जगह का नाम जलंधर रखा गया। जलंधर को त्रिरत्ता के नाम से भी जाना जाता है।

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Quelle: Text: Wikipedia – „जलंधर“, Autorinnen und Autoren (Versionsgeschichte), CC BY-SA 4.0 · Foto: Ruban singh, CC BY-SA 4.0 – Wikimedia Commons