उल्हासनगर: इतिहास
आजादी के साथ-साथ भारतवर्ष का विभाजन हुआ और पाकिस्तान बन गया। उस समय पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में हिन्दू सिंधियों पर अत्यधिक अत्याचार हुवे और लाखों सिन्धी शरणार्थी बनकर भारत आए। उनमें से करीब एक लाख सिंधियों को कल्याण से ५ कि. मी. की दुरी पर स्थित सैनिक कैंप में रखा गया। बाद में उस एरिया को सन १९४९ में यह तालुका बना दिया गया। इस शहर का नामकरण उस समय के गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचार्य जी ने किया। उपनगरीय रेल स्टेशन १९५५ में बना। सन १९६० में यह शहर नगरपालिका बना। अब यह शहर महानगरपालिका है।