Heimatgeschichte · Achham ·

अछाम जिला

अछाम जिला

अछाम नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रदेश में स्थित एक पर्वतीय जिला है। लगभग 1,680 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला अछाम नेपाल के दुर्गम जिलों में से एक माना जाता है। नेपाल के प्रशासनिक पुनर्संरचना के अनुसार यह जिला सुदूरपश्चिम प्रदेश के अंतर्गत आता है। अछाम जिले का मुख्यालय मंगलसेन है। वर्तमान में सेवा में नहीं रहने वाला साँफेबगर हवाई अड्डा जिला मुख्यालय मंगलसेन से लगभग आठ घंटे की पैदल दूरी पर स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम होने के बावजूद अछाम जिला प्राकृतिक संपदा एवं पर्यटन स्थलों से समृद्ध है। रामारोशन क्षेत्र, खप्तड़ क्षेत्र, बरदा देवी मंदिर, वैजनाथ मंदिर, दर्ना दरबार, मंगलसेन दरबार, विनायक के पाँच देवल, दर्ना के देवल, बान्नीगढ़ी, जैगढ़ तथा बयलपाटा आदि इस जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन महत्त्व के स्थल हैं।
नेपाल का संविधान २०७२ के अनुसार नेपाल के पुनर्संरचना अभियान के दौरान संघीय मामलों एवं स्थानीय विकास मंत्रालय के निर्णयानुसार इस जिले को 4 नगरपालिका, 6 ग्रामपालिकाओं तथा 2 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। रत्यौली, भुवा, न्याउले, पुतला, देउडा गीत तथा हुड्केली यहाँ की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराएँ हैं। अपनी विशिष्ट रीति-रिवाजों और लोकाचारों के लिए प्रसिद्ध अछाम के निवासी अछामी भाषा का प्रयोग करते हैं। इस क्षेत्र के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं पशुपालन है, जबकि रोजगार की खोज में अनेक लोग पड़ोसी देश भारत तथा अन्य देशों में भी जाते हैं।
अछाम जिला अनेक जातीय एवं पारिवारिक वंशों के उद्गम-स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। उदाहरणस्वरूप, चाल्सा से चालिसे, ढाँकु से ढकाल, टिमिलसैन से तिम्सिना अथवा तिमल्सेना, घोडासैन से घोडासैनी, पुरासैन से पुडासैनी, धमाली से धमाला, रिमा से रिमाल, बारला से बराल, कुइका से कुईकेल तथा बजगाँव से बजगाईं जैसे कुल एवं वंशों की उत्पत्ति मानी जाती है। इस प्रकार अछाम जिला ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।

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Quelle: Text: Wikipedia – „अछाम जिला“, Autorinnen und Autoren (Versionsgeschichte), CC BY-SA 4.0 · Foto: Earth Science and Remote Sensing Unit, NASA Johnson Space Center, Public domain – Wikimedia Commons