Ameerpet

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Ameerpet.

Aktuelle Beiträge

  • मदद माँगने में कोई शर्म नहीं · Ameerpet ·

    बहुत-से लोग पड़ोसियों से मदद माँगने में झिझकते हैं, जबकि ज़्यादातर लोग ज़रूरत का पता चलते ही ख़ुशी से मदद करते हैं। बल्ब बदलना, चिट्ठी पढ़कर सुनाना या भारी सामान उठाना आसानी से किए जा सकने वाले काम हैं। Ameerpet में आपको किस ची…

  • नए पड़ोसियों का स्वागत · Ameerpet ·

    पहले दिन मिला गर्मजोशी भरा अभिवादन नए लोगों को घर जैसा एहसास देता है। बस अपना परिचय देना और बाज़ार या दवा की दुकान का रास्ता बताना ही बहुत मदद है। कुछ लोग शायद अभी स्थानीय भाषा या रीति-रिवाज़ों से परिचित न हों, इसलिए धैर्य ज़र…

  • छोटे हुनर जो ज़िंदगी भर काम आते हैं · Ameerpet ·

    आसान खाना बनाना, साइकिल ठीक करना या ख़ुद फ़ॉर्म भरना बहुत काम के हुनर हैं। घर के बड़ों या पड़ोसियों से कोई एक चीज़ सिखाने को कहिए। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। ग़लतियों से सीखना भी बिल्कुल सामान्य है। अगला कौन-सा हुनर आप सीखना चाह…

  • ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहें · Ameerpet ·

    एक बार पोस्ट की गई निजी जानकारी हटाना मुश्किल हो सकता है। अपना पता, तस्वीरें या यात्रा की योजना साझा करने से पहले सोचिए। हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखिए और दो-चरणीय सत्यापन चालू कीजिए। अगर कोई संदेश असहज करे, तो ब्लॉक कीजिए, र…

  • सूर्यास्त देखने की सबसे सुंदर जगह · Ameerpet ·

    सुंदर सूर्यास्त देखने के लिए दूर जाने की ज़रूरत नहीं; कभी एक पुल, छोटी पहाड़ी या खेत का किनारा ही काफ़ी है। Ameerpet में शाम की रोशनी देखने के लिए आपकी पसंदीदा जगह कौन-सी है? कमेंट में सुझाइए।

  • Ameerpet का आपका पसंदीदा बाज़ार · Ameerpet ·

    सुबह का बाज़ार, शाम का हाट या सप्ताहांत का बाज़ार, सबकी अपनी रौनक है। वहाँ ताज़ा सामान भी मिलता है और मिलनसार दुकानदारों से बातचीत भी होती है। आप किस बाज़ार में अक्सर जाते हैं, और वहाँ कौन-सी दुकान ज़रूर देखनी चाहिए? कमेंट में…

  • Ameerpet से जुड़ी बचपन की यादें · Ameerpet ·

    बहुत से लोगों को आज भी स्कूल के बाहर की चाट वाली दुकान या शाम को खेलने वाला मैदान याद है। कुछ जगहें आज भी हैं, कुछ बदल गई हैं। Ameerpet से जुड़ी आपकी कौन-सी बचपन की याद है? आइए कमेंट में प्यारे क़िस्से साझा करें।

  • छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य · Chhattisgarh ·

    छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था। …

  • हरियाणा – सरस्वती तट की सभ्यताएँ और गीता की भूमि · Haryana ·

    हरियाणा की धरती वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता से गहराई से जुड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे सिंधु घाटी जितनी पुरानी कई सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं, जैसे भिवानी के मिट्टाथल और कुणाल। मान्यता है कि महाभारत का युद्ध यहीं हुआ, जहा…

  • तेलंगाना – काकतीय वंश और तेलुगूभाषियों की भूमि · Telangana ·

    'तेलंगाणा' का अर्थ है 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। इस क्षेत्र पर सदियों तक अनेक शासकों ने राज किया: सातवाहन, काकतीय वंश (1083–1323), बहमनी सल्तनत, क़ुतुब शाही राजवंश (1512–1687), मुग़ल और फिर आसफ़ जाही राजवंश (1724–1948)। काकतीय क…

  • महाकाली अंचल – वह अंचल जो २०१५ में सुदूरपश्चिम प्रदेश का हिस्सा बना · Mahakali ·

    महाकाली नेपाल के उन चौदह अंचलों में से एक था, जो सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा हुआ करते थे। इसका मुख्यालय कंचनपुर जिले के भीमदत्त में था, और यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासन चलता था। सन् २०१५ के प्रशासनिक पुनर्गठन ने इस व्…

  • सेती अंचल – धनगढ़ी और सिलगढ़ी का सुदूर-पश्चिमी अंचल · Seti ·

    सेती नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा था। इसका मुख्यालय पहाड़ी कस्बे सिलगढ़ी में था, जबकि तराई में बसा धनगढ़ी इस अंचल का सबसे प्रमुख नगर रहा। यही दोहरा स्वरूप, ऊपर पहाड़ और नीचे समतल तरा…

  • धवलागिरी अंचल – धौलागिरी की छाया में बसा पश्चिमी अंचल · Dhaulagiri ·

    धौलागिरी हिमशिखर के नाम पर बने इस अंचल की पहचान उसके पहाड़ ही हैं। १० सितम्बर २०१५ से पहले यह नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और पश्चिमांचल विकास क्षेत्र में स्थित था; इसका मुख्यालय बगलुंग में था। नए संविधान के बाद पूरा देश …

  • बागमती प्रदेश – २०१५ के संविधान से बना, राजधानी का प्रदेश · Bagmati ·

    २० सितम्बर २०१५ को लागू हुए संविधान के अनुसार नेपाल में सात नए प्रदेश बनाने का प्रावधान किया गया, और बागमती उनमें से एक है। इस बदलाव ने पुरानी अंचल-व्यवस्था की जगह एक नई प्रशासनिक रूपरेखा दी, जिसका असर यहाँ के हर जिले पर पड़ा।…

  • जनकपुर अंचल – सीता की जन्मभूमि जनकपुर के नाम पर · Janakpur ·

    इस अंचल का नाम जनकपुर से आया है, उसी स्थान से जिसे रामायण की पात्र सीता की जन्मभूमि माना जाता है। यही सांस्कृतिक विरासत पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान है और आज भी यहाँ के मेलों, मंदिरों और लोकगीतों में सुनाई देती है। अंचल में…

  • सगरमाथा अंचल – दुनिया की सबसे ऊँची चोटी के नाम पर · Sagarmatha ·

    हिमालय के सर्वोच्च शिखर माउण्ट एवरेस्ट को नेपाल में सगरमाथा कहा जाता है, और इसी नाम पर इस अंचल का नाम रखा गया। पूर्वांचल विकास क्षेत्र में स्थित यह अंचल उत्तर के हिमालयी ढलानों से लेकर दक्षिण के तराई मैदानों तक फैला है, इसलिए यहा…

  • नारायणी अंचल – चितवन उपत्यका और तराई का संगम · Narayani ·

    नारायणी अंचल मध्य-दक्षिण नेपाल में स्थित था और इसमें चितवन, मकवानपुर, बारा, पर्सा तथा रौतहट, कुल पाँच जिले आते थे। इसकी खास पहचान इसका दोहरा भूगोल है: चितवन और मकवानपुर का बड़ा हिस्सा चितवन उपत्यका और पहाड़ी क्षेत्र में पड़ता है, …

  • लुंबिनी – भगवान बुद्ध की जन्मस्थली · Lumbini ·

    लुंबिनी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इसे भगवान बुद्ध की जन्मस्थली माना जाता है। यहाँ सम्राट अशोक द्वारा स्थापित अशोक स्तम्भ आज भी खड़ा है, जिस पर ब्राह्मी लिपि में प्राकृत भाषा का शिलालेख इस स्थान के बुद्ध-जन्मस्थल होने का उल्लेख करता है।…

  • भेरी अंचल – भेरी नदी के नाम पर बसा मध्य-पश्चिमी अंचल · Bheri ·

    भेरी अंचल का नाम यहाँ बहने वाली भेरी नदी से पड़ा, और यही नदी इस पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान रही है। यह नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और मध्य पश्चिमांचल विकास क्षेत्र में पड़ता था। इसमें तराई के दो जिले, बांके और बर्दिया, …

  • चंडीगढ़ – विभाजन के बाद बनी एक नई राजधानी · Chandigarh ·

    चंडीगढ़ भारत के उत्तर-पश्चिम में शिवालिक की तलहटी के पास बसा एक शहर और केंद्र शासित प्रदेश है, जो पंजाब और हरियाणा दोनों की साझा राजधानी के रूप में कार्य करता है। इसकी स्थापना 1947 के विभाजन के बाद की परिस्थितियों से जुड़ी है: प…

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