Ranibundh
Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Ranibundh.
Aktuelle Beiträge
- गली में छोटी-सी दावत · Ranibundh ·
गली की दावत बड़ी होना ज़रूरी नहीं। हर घर एक व्यंजन लाए, मेज़ लगाएँ और धीमा संगीत चलाएँ, बस इतना ही काफ़ी है। बच्चे साथ खेलते हैं और बड़े एक-दूसरे को बेहतर जान पाते हैं। सभी घरों को पहले से बता दीजिए और बाद में मिलकर सफ़ाई कीजिए…
- मोहल्ले में अदला-बदली की अलमारी · Ranibundh ·
अदला-बदली की अलमारी ऐसी जगह है जहाँ कोई भी काम की चीज़ें रख सकता है और ज़रूरत की चीज़ मुफ़्त ले जा सकता है। किताबें, खिलौने या रसोई का छोटा सामान किसी और के काम आ जाता है। ज़रूरी है कि हम सब मिलकर उसे साफ़ और व्यवस्थित रखें। क्या…
- पहली कमाई का हिसाब कैसे रखें · Ranibundh ·
अपनी मेहनत की पहली कमाई गर्व की बात है। उसे हिस्सों में बाँटकर देखिए: ज़रूरी ख़र्च, बचत और थोड़ा-सा अपनी ख़ुशी के लिए। एक महीने तक ख़र्च लिखिए, तब पता चलेगा पैसा कहाँ जाता है। उन किस्तों से सावधान रहिए जो सस्ती दिखती हैं पर कुल मि…
- स्वयंसेवा करके देखिए! · Ranibundh ·
स्वयंसेवा से नए दोस्त बनते हैं, नए हुनर सीखने को मिलते हैं और साथ ही दूसरों की मदद भी होती है। जैसे छोटे बच्चों को पढ़ाई में मदद करना, पार्क की सफ़ाई या मोहल्ले के आयोजन में हाथ बँटाना। महीने में कुछ घंटे भी बड़ा फ़र्क़ ला सकते है…
- Ranibundh से जुड़ी बचपन की यादें · Ranibundh ·
बहुत से लोगों को आज भी स्कूल के बाहर की चाट वाली दुकान या शाम को खेलने वाला मैदान याद है। कुछ जगहें आज भी हैं, कुछ बदल गई हैं। Ranibundh से जुड़ी आपकी कौन-सी बचपन की याद है? आइए कमेंट में प्यारे क़िस्से साझा करें।
- Ranibundh में आपका पसंदीदा कैफ़े कौन-सा है? · Ranibundh ·
कहीं कॉफ़ी लाजवाब होती है, तो कहीं बैठने की जगह इतनी आरामदायक कि उठने का मन ही न करे। हम जानना चाहते हैं कि थोड़ा सुकून पाने के लिए आप कहाँ जाते हैं। Ranibundh में कौन-सी जगह आप नए लोगों को सुझाएँगे? कमेंट में ज़रूर बताइए!
- इस हफ़्ते की तस्वीर: आपकी नज़र से Ranibundh · Ranibundh ·
ढलते सूरज का आसमान, सड़क किनारे खिले फूल या दुकान के सामने सोती बिल्ली, ये छोटी-छोटी तस्वीरें शहर की कहानी सबसे अच्छी तरह कहती हैं। इस हफ़्ते किस चीज़ ने आपके चेहरे पर मुस्कान ला दी? कमेंट में उस पल के बारे में बताइए या उसे साझ…
- प्रियप्रवास · Punjab ·
तुलसी गंग दुवौ भये सुकविन के सरदार। इनके काव्यन मे मिली भाषा विविध प्रकार॥ निदाघ ज्वाला से विचलित हुआ चातक अभी । भुलाने जाता था निज विमल वश-व्रत सभी ।। दिया पत्र द्वारा नव बल मुझे आज तुमने । सुसाक्षी है मेरे विदित कुल-देव…
- कहावत · Madhya Pradesh ·
“जैसी करनी वैसी भरनी।” — कहावत
- कहावत · Mahakali ·
“बूँद-बूँद से घड़ा भरता है।” — कहावत
- कहावत · Maharashtra ·
“जहाँ चाह वहाँ राह।” — कहावत
- कहावत · Manipur ·
“अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।” — कहावत
- कहावत · Mechi ·
“घर की मुर्गी दाल बराबर।” — कहावत
- कहावत · Meghalaya ·
“अधजल गगरी छलकत जाय।” — कहावत
- कहावत · Mizoram ·
“ऊँची दुकान फीका पकवान।” — कहावत
- कहावत · Nagaland ·
“नाच न जाने आँगन टेढ़ा।” — कहावत
- कहावत · Narayani ·
“दूर के ढोल सुहावने।” — कहावत
- कहावत · Odisha ·
“एक और एक ग्यारह होते हैं।” — कहावत
- कहावत · Puducherry ·
“बोया पेड़ बबूल का, तो आम कहाँ से होय।” — कहावत
- कहावत · Punjab ·
“अंधों में काना राजा।” — कहावत
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