Albert Ekka (Jari)
Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Albert Ekka (Jari).
Aktuelle Beiträge
- बुज़ुर्ग पड़ोसियों की ख़रीदारी में मदद · Albert Ekka (Jari) ·
कुछ बुज़ुर्ग पड़ोसियों के लिए बाज़ार जाना मुश्किल हो सकता है, ख़ासकर गर्मी या बारिश में। अगर आप ख़ुद ख़रीदारी करने जा रहे हैं, तो उनसे पूछ लेना कि कुछ चाहिए या नहीं, बड़ी मेहरबानी है। सामान की सूची और भुगतान का तरीक़ा साफ़-साफ़ तय क…
- मिलकर पेड़-पौधों और बगीचे की देखभाल · Albert Ekka (Jari) ·
पेड़ और फूल हमारी गली को और सुहावना बनाते हैं। गर्मियों में मिलकर पानी देना या नए पौधे लगाना हर उम्र के लोगों के लिए अच्छी गतिविधि है। बीज या कलम आपस में बाँटना भी मज़ेदार है। Albert Ekka में कौन हरियाली की देखभाल के लिए समू…
- Albert Ekka में ट्रेनिंग या पढ़ाई की जगह ढूँढना · Albert Ekka (Jari) ·
स्कूल के बाद का रास्ता चुनना घबराहट भरा लग सकता है, लेकिन आज ही हर सवाल का जवाब जानना ज़रूरी नहीं। उन चीज़ों से शुरुआत कीजिए जो आपको पसंद हैं और जिनमें आप अच्छे हैं, फिर सीनियर्स या करियर सलाह देने वाले शिक्षकों से बात कीजिए। …
- Albert Ekka में नए हैं और अभी दोस्त नहीं बने? · Albert Ekka (Jari) ·
नए शहर में घुलने-मिलने में समय लगता है, इसलिए शुरुआत में पक्के दोस्त न हों तो चिंता मत कीजिए। किसी क्लब, खेल समूह या स्वयंसेवा से जुड़िए, क्योंकि वहाँ बातचीत शुरू करना आसान होता है। जिनसे अक्सर मिलते हैं उन्हें नमस्ते कहना भी अच्…
- Albert Ekka में नए आए हैं? आइए, परिचय करें! · Albert Ekka (Jari) ·
नई जगह पर ज़िंदगी शुरू करना शुरुआत में थोड़ा अकेलापन भरा लग सकता है, लेकिन यहाँ मदद के लिए पड़ोसी हमेशा तैयार हैं। अगर आप हाल ही में आए हैं, तो अपना छोटा-सा परिचय दीजिए। और अगर आप यहाँ लंबे समय से रहते हैं, तो नए लोगों के …
- Albert Ekka की छुपी हुई ख़ूबसूरत जगहें · Albert Ekka (Jari) ·
हर शहर में कुछ छोटी-छोटी सुंदर जगहें होती हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं: कोई शांत बगीचा, नदी किनारे की पगडंडी या गली के आख़िर में छोटी-सी दुकान। क्या आपके मन में ऐसी कोई जगह है? कमेंट में साझा कीजिए ताकि सब मिलकर घू…
- Albert Ekka को और बेहतर कैसे बनाया जाए? · Albert Ekka (Jari) ·
एक अच्छा समुदाय एक-दूसरे की बात सुनने से शुरू होता है। शायद कोई छोटी-सी बात, जैसे पार्क में बेंच, सड़क की बत्ती या ज़्यादा कूड़ेदान। आपके हिसाब से रोज़मर्रा की ज़िंदगी को क्या आसान बनाएगा? कमेंट में रचनात्मक सुझाव दीजिए।
- कर्नाटक – कदंब वंश और सोने की प्राचीन खानें · Karnataka ·
कर्नाटक का इतिहास पाषाण युग तक जाता है। हड़प्पा में मिला सोना कर्नाटक की खानों से आया माना जाता है, जिससे लगभग 3000 ई.पू. में इस क्षेत्र और सिंधु घाटी सभ्यता के बीच संबंध का पता चलता है। बाद में यह क्षेत्र नंद और मौर्य शासन के अध…
- केरल – चेर राजाओं की भूमि और परशुराम की कथा · Kerala ·
पौराणिक कथा के अनुसार परशुराम ने अपना परशु समुद्र में फेंका और उसी आकार की भूमि समुद्र से निकलकर केरल बनी। 'केरल' नाम की उत्पत्ति पर विद्वान एकमत नहीं हैं; एक मत के अनुसार यह 'चेरलम' यानी चेर राजाओं के राज्य से बना, क्योंकि लं…
- पुदुच्चेरी – लगभग 300 वर्षों की फ्रांसीसी विरासत · Puducherry ·
पुदुच्चेरी, जिसे पहले पॉन्डिचेरी कहा जाता था, लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी अधिकार में रहा। यह एक फ्रांसीसी उपनिवेश था जिसमें चार अलग-अलग ज़िले शामिल थे, और आज भी यहाँ की सड़कों, भवनों और संस्कृति में फ्रांसीसी वास्तुकला की छाप सा…
- तमिल नाडु – चोल, पांड्य और पल्लव राजवंशों की भूमि · Tamil Nadu ·
तमिल नाडु भारत के सबसे प्राचीन सांस्कृतिक क्षेत्रों में से एक है। यहाँ चोल, पांड्य और पल्लव जैसे महान राजवंशों ने शासन किया, और संगम साहित्य के रूप में तमिल भाषा की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर, जिसे चोल …
- लक्षद्वीप – अरब सागर के द्वीप, 661 ई. से इस्लामी परंपरा · Lakshadweep ·
लक्षद्वीप अरब सागर में भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट से दूर स्थित द्वीपसमूह है। इसके शुरुआती उल्लेख 'एरिथ्रियन सागर के पेरिप्लस' में मिलते हैं, और संगम साहित्य में चेरों द्वारा इन द्वीपों पर नियंत्रण का उल्लेख है। स्थानीय परंपरा के अनुसार…
- अण्डमान और निकोबार – 30 दिसंबर 1943 को फहराया गया तिरंगा · Andamanen und Nikobaren ·
अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के इतिहास में 30 दिसंबर 1943 का दिन विशेष है, जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने श्री विजयपुरम में तिरंगा फहराया। इसकी स्मृति में आज भी हर वर्ष 30 दिसंबर को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ब्रिटिश शासन…
- झारखण्ड – मुण्डा और भूमिज जनजातियों की प्राचीन धरती · Jharkhand ·
झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया मुण्डा और भूमिज जनजातियों ने शुरू की। छोटानागपुर में मुण्डा नेता रिसा मुण्डा ने सुतिया पाहन को शासक चुना और सुतिया नागखण्ड नामक राज्य की स्थापना की। भूमिज जनजाति ने धालभूम, सिंहभूम, मानभूम और…
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली – इन्द्रप्रस्थ से भारत की राजधानी तक · Delhi ·
दिल्ली का सबसे प्राचीन उल्लेख महाभारत में इन्द्रप्रस्थ के रूप में मिलता है, जो पांडवों की राजधानी थी। पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि ईसा से दो हज़ार वर्ष पहले भी यहाँ मनुष्य रहते थे, और मौर्य काल से यहाँ नगर का विकास शुरू हुआ। 'पृ…
- मध्य प्रदेश – भीमबेटका, साँची और खजुराहो का हृदय प्रदेश · Madhya Pradesh ·
भारत के हृदय में बसा मध्य प्रदेश मानव इतिहास की अद्भुत धरोहरों का घर है। भीमबेटका के शैलाश्रयों में हज़ारों वर्ष पुराने शैलचित्र हैं, साँची का स्तूप सम्राट अशोक के समय से जुड़ी बौद्ध परंपरा का प्रतीक है, और खजुराहो के मंदिर मध्यकाली…
- छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य · Chhattisgarh ·
छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था। …
- हरियाणा – सरस्वती तट की सभ्यताएँ और गीता की भूमि · Haryana ·
हरियाणा की धरती वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता से गहराई से जुड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे सिंधु घाटी जितनी पुरानी कई सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं, जैसे भिवानी के मिट्टाथल और कुणाल। मान्यता है कि महाभारत का युद्ध यहीं हुआ, जहा…
- तेलंगाना – काकतीय वंश और तेलुगूभाषियों की भूमि · Telangana ·
'तेलंगाणा' का अर्थ है 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। इस क्षेत्र पर सदियों तक अनेक शासकों ने राज किया: सातवाहन, काकतीय वंश (1083–1323), बहमनी सल्तनत, क़ुतुब शाही राजवंश (1512–1687), मुग़ल और फिर आसफ़ जाही राजवंश (1724–1948)। काकतीय क…
- महाकाली अंचल – वह अंचल जो २०१५ में सुदूरपश्चिम प्रदेश का हिस्सा बना · Mahakali ·
महाकाली नेपाल के उन चौदह अंचलों में से एक था, जो सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा हुआ करते थे। इसका मुख्यालय कंचनपुर जिले के भीमदत्त में था, और यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासन चलता था। सन् २०१५ के प्रशासनिक पुनर्गठन ने इस व्…
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