Sadabad

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Sadabad.

Aktuelle Beiträge

  • पड़ोसियों के साथ भाषा का आदान-प्रदान · Sadabad ·

    हमारे मोहल्ले में कई भाषाएँ बोलने वाले लोग रहते हैं, यह एक-दूसरे से सीखने का बढ़िया मौक़ा है। एक घंटे चाय पर मिलिए: आधा समय एक भाषा में और आधा दूसरी भाषा में बात कीजिए। धाराप्रवाह होना ज़रूरी नहीं, बस खुला मन चाहिए। आप कौन-स…

  • मिलकर मरम्मत का दिन · Sadabad ·

    थोड़ी-सी ख़राब चीज़ों को फेंकना ज़रूरी नहीं। पंखा, फटा कपड़ा या पंक्चर साइकिल किसी की मदद से कुछ मिनटों में ठीक हो सकती है। एक छोटा मरम्मत दिवस रखिए जहाँ हुनरमंद लोग सिखाएँ और मदद करें। सादाबाद, हाथरस में किसके पास मरम्मत का हु…

  • तनाव के समय मन का ख़याल रखें · Sadabad ·

    परीक्षा के दिन या ज़िंदगी के बड़े बदलाव तनाव ला सकते हैं। पूरी नींद, धूप में टहलना और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना बहुत मदद करता है। अगर लंबे समय तक मन भारी लगे, तो आपके इलाक़े की परामर्श सेवाएँ या शिक्षक सुनने के लिए तैया…

  • मज़े-मज़े में नई भाषा सीखें · Sadabad ·

    भाषा सीखना उबाऊ होना ज़रूरी नहीं। सबटाइटल के साथ फ़िल्में देखिए, गाने सुनिए या भाषा बदलने वाला साथी ढूँढिए। रोज़ थोड़ा-थोड़ा अभ्यास एक बार में ढेर सारी पढ़ाई से ज़्यादा असरदार होता है। क्या सादाबाद, हाथरस में कोई भाषा अभ्यास समूह ब…

  • इस हफ़्ते की तस्वीर: आपकी नज़र से सादाबाद, हाथरस · Sadabad ·

    ढलते सूरज का आसमान, सड़क किनारे खिले फूल या दुकान के सामने सोती बिल्ली, ये छोटी-छोटी तस्वीरें शहर की कहानी सबसे अच्छी तरह कहती हैं। इस हफ़्ते किस चीज़ ने आपके चेहरे पर मुस्कान ला दी? कमेंट में उस पल के बारे में बताइए या उसे साझ…

  • इस हफ़्ते के अंत में सादाबाद, हाथरस में क्या करें? · Sadabad ·

    कभी-कभी सबसे अच्छे सुझाव पड़ोसियों से ही मिलते हैं: कोई बाज़ार, बाहर की कोई गतिविधि या नया खुला खाने का ठिकाना। इस सप्ताहांत के लिए आपकी क्या योजना या सलाह है? कमेंट में लिखिए ताकि दूसरों को भी आइडिया मिले।

  • सादाबाद, हाथरस में टहलने का सबसे अच्छा रास्ता · Sadabad ·

    शाम की सैर मन को हल्का करती है और शहर को नए नज़रिए से दिखाती है। सादाबाद, हाथरस में आपका पसंदीदा रास्ता कौन-सा है, और दिन के किस समय वहाँ जाना सबसे अच्छा है? अपना जवाब कमेंट में लिखिए।

  • पुदुच्चेरी – लगभग 300 वर्षों की फ्रांसीसी विरासत · Puducherry ·

    पुदुच्चेरी, जिसे पहले पॉन्डिचेरी कहा जाता था, लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी अधिकार में रहा। यह एक फ्रांसीसी उपनिवेश था जिसमें चार अलग-अलग ज़िले शामिल थे, और आज भी यहाँ की सड़कों, भवनों और संस्कृति में फ्रांसीसी वास्तुकला की छाप सा…

  • तमिल नाडु – चोल, पांड्य और पल्लव राजवंशों की भूमि · Tamil Nadu ·

    तमिल नाडु भारत के सबसे प्राचीन सांस्कृतिक क्षेत्रों में से एक है। यहाँ चोल, पांड्य और पल्लव जैसे महान राजवंशों ने शासन किया, और संगम साहित्य के रूप में तमिल भाषा की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर, जिसे चोल …

  • लक्षद्वीप – अरब सागर के द्वीप, 661 ई. से इस्लामी परंपरा · Lakshadweep ·

    लक्षद्वीप अरब सागर में भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट से दूर स्थित द्वीपसमूह है। इसके शुरुआती उल्लेख 'एरिथ्रियन सागर के पेरिप्लस' में मिलते हैं, और संगम साहित्य में चेरों द्वारा इन द्वीपों पर नियंत्रण का उल्लेख है। स्थानीय परंपरा के अनुसार…

  • अण्डमान और निकोबार – 30 दिसंबर 1943 को फहराया गया तिरंगा · Andamanen und Nikobaren ·

    अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के इतिहास में 30 दिसंबर 1943 का दिन विशेष है, जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने श्री विजयपुरम में तिरंगा फहराया। इसकी स्मृति में आज भी हर वर्ष 30 दिसंबर को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ब्रिटिश शासन…

  • झारखण्ड – मुण्डा और भूमिज जनजातियों की प्राचीन धरती · Jharkhand ·

    झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया मुण्डा और भूमिज जनजातियों ने शुरू की। छोटानागपुर में मुण्डा नेता रिसा मुण्डा ने सुतिया पाहन को शासक चुना और सुतिया नागखण्ड नामक राज्य की स्थापना की। भूमिज जनजाति ने धालभूम, सिंहभूम, मानभूम और…

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली – इन्द्रप्रस्थ से भारत की राजधानी तक · Delhi ·

    दिल्ली का सबसे प्राचीन उल्लेख महाभारत में इन्द्रप्रस्थ के रूप में मिलता है, जो पांडवों की राजधानी थी। पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि ईसा से दो हज़ार वर्ष पहले भी यहाँ मनुष्य रहते थे, और मौर्य काल से यहाँ नगर का विकास शुरू हुआ। 'पृ…

  • मध्य प्रदेश – भीमबेटका, साँची और खजुराहो का हृदय प्रदेश · Madhya Pradesh ·

    भारत के हृदय में बसा मध्य प्रदेश मानव इतिहास की अद्भुत धरोहरों का घर है। भीमबेटका के शैलाश्रयों में हज़ारों वर्ष पुराने शैलचित्र हैं, साँची का स्तूप सम्राट अशोक के समय से जुड़ी बौद्ध परंपरा का प्रतीक है, और खजुराहो के मंदिर मध्यकाली…

  • छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य · Chhattisgarh ·

    छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था। …

  • हरियाणा – सरस्वती तट की सभ्यताएँ और गीता की भूमि · Haryana ·

    हरियाणा की धरती वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता से गहराई से जुड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे सिंधु घाटी जितनी पुरानी कई सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं, जैसे भिवानी के मिट्टाथल और कुणाल। मान्यता है कि महाभारत का युद्ध यहीं हुआ, जहा…

  • तेलंगाना – काकतीय वंश और तेलुगूभाषियों की भूमि · Telangana ·

    'तेलंगाणा' का अर्थ है 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। इस क्षेत्र पर सदियों तक अनेक शासकों ने राज किया: सातवाहन, काकतीय वंश (1083–1323), बहमनी सल्तनत, क़ुतुब शाही राजवंश (1512–1687), मुग़ल और फिर आसफ़ जाही राजवंश (1724–1948)। काकतीय क…

  • महाकाली अंचल – वह अंचल जो २०१५ में सुदूरपश्चिम प्रदेश का हिस्सा बना · Mahakali ·

    महाकाली नेपाल के उन चौदह अंचलों में से एक था, जो सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा हुआ करते थे। इसका मुख्यालय कंचनपुर जिले के भीमदत्त में था, और यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासन चलता था। सन् २०१५ के प्रशासनिक पुनर्गठन ने इस व्…

  • सेती अंचल – धनगढ़ी और सिलगढ़ी का सुदूर-पश्चिमी अंचल · Seti ·

    सेती नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा था। इसका मुख्यालय पहाड़ी कस्बे सिलगढ़ी में था, जबकि तराई में बसा धनगढ़ी इस अंचल का सबसे प्रमुख नगर रहा। यही दोहरा स्वरूप, ऊपर पहाड़ और नीचे समतल तरा…

  • धवलागिरी अंचल – धौलागिरी की छाया में बसा पश्चिमी अंचल · Dhaulagiri ·

    धौलागिरी हिमशिखर के नाम पर बने इस अंचल की पहचान उसके पहाड़ ही हैं। १० सितम्बर २०१५ से पहले यह नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और पश्चिमांचल विकास क्षेत्र में स्थित था; इसका मुख्यालय बगलुंग में था। नए संविधान के बाद पूरा देश …

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