Tirwa

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Tirwa.

Aktuelle Beiträge

  • मोहल्ले में अदला-बदली की अलमारी · Tirwa ·

    अदला-बदली की अलमारी ऐसी जगह है जहाँ कोई भी काम की चीज़ें रख सकता है और ज़रूरत की चीज़ मुफ़्त ले जा सकता है। किताबें, खिलौने या रसोई का छोटा सामान किसी और के काम आ जाता है। ज़रूरी है कि हम सब मिलकर उसे साफ़ और व्यवस्थित रखें। क्या…

  • मदद माँगने में कोई शर्म नहीं · Tirwa ·

    बहुत-से लोग पड़ोसियों से मदद माँगने में झिझकते हैं, जबकि ज़्यादातर लोग ज़रूरत का पता चलते ही ख़ुशी से मदद करते हैं। बल्ब बदलना, चिट्ठी पढ़कर सुनाना या भारी सामान उठाना आसानी से किए जा सकने वाले काम हैं। Tirwa में आपको किस चीज़ म…

  • स्वयंसेवा करके देखिए! · Tirwa ·

    स्वयंसेवा से नए दोस्त बनते हैं, नए हुनर सीखने को मिलते हैं और साथ ही दूसरों की मदद भी होती है। जैसे छोटे बच्चों को पढ़ाई में मदद करना, पार्क की सफ़ाई या मोहल्ले के आयोजन में हाथ बँटाना। महीने में कुछ घंटे भी बड़ा फ़र्क़ ला सकते है…

  • छोटे हुनर जो ज़िंदगी भर काम आते हैं · Tirwa ·

    आसान खाना बनाना, साइकिल ठीक करना या ख़ुद फ़ॉर्म भरना बहुत काम के हुनर हैं। घर के बड़ों या पड़ोसियों से कोई एक चीज़ सिखाने को कहिए। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। ग़लतियों से सीखना भी बिल्कुल सामान्य है। अगला कौन-सा हुनर आप सीखना चाह…

  • परंपराएँ और मेले जिनका आपको हर साल इंतज़ार रहता है · Tirwa ·

    सालाना आयोजन वह मौक़ा होते हैं जब लोग घरों से निकलकर एक-दूसरे से मिलते हैं: मेले, हाट या मोहल्ले के उत्सव। Tirwa का कौन-सा आयोजन आप कभी नहीं छोड़ते, और क्यों? कमेंट में हमें बताइए।

  • छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए गतिविधियाँ · Tirwa ·

    बहुत-से माता-पिता बच्चों के लिए सुरक्षित और किफ़ायती जगहें ढूँढते हैं। पार्क, खेल का मैदान या पुस्तकालय की गतिविधियाँ अच्छे विकल्प हो सकते हैं। Tirwa में आप बच्चों को सबसे ज़्यादा कहाँ ले जाते हैं? कमेंट में अपना अनुभव साझा कीजिए।

  • स्थानीय शब्द जो बाहर वालों को उलझा देते हैं · Tirwa ·

    हर इलाक़े की अपनी बोली और अपने प्यारे शब्द होते हैं। कुछ शब्द सुनकर बाहर से आए लोग सोच में पड़ जाते हैं। Tirwa के लोग कौन-सा शब्द अक्सर बोलते हैं, और उसका मतलब क्या है? आइए कमेंट में मिलकर इन्हें इकट्ठा करें।

  • कर्नाटक – कदंब वंश और सोने की प्राचीन खानें · Karnataka ·

    कर्नाटक का इतिहास पाषाण युग तक जाता है। हड़प्पा में मिला सोना कर्नाटक की खानों से आया माना जाता है, जिससे लगभग 3000 ई.पू. में इस क्षेत्र और सिंधु घाटी सभ्यता के बीच संबंध का पता चलता है। बाद में यह क्षेत्र नंद और मौर्य शासन के अध…

  • केरल – चेर राजाओं की भूमि और परशुराम की कथा · Kerala ·

    पौराणिक कथा के अनुसार परशुराम ने अपना परशु समुद्र में फेंका और उसी आकार की भूमि समुद्र से निकलकर केरल बनी। 'केरल' नाम की उत्पत्ति पर विद्वान एकमत नहीं हैं; एक मत के अनुसार यह 'चेरलम' यानी चेर राजाओं के राज्य से बना, क्योंकि लं…

  • पुदुच्चेरी – लगभग 300 वर्षों की फ्रांसीसी विरासत · Puducherry ·

    पुदुच्चेरी, जिसे पहले पॉन्डिचेरी कहा जाता था, लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी अधिकार में रहा। यह एक फ्रांसीसी उपनिवेश था जिसमें चार अलग-अलग ज़िले शामिल थे, और आज भी यहाँ की सड़कों, भवनों और संस्कृति में फ्रांसीसी वास्तुकला की छाप सा…

  • तमिल नाडु – चोल, पांड्य और पल्लव राजवंशों की भूमि · Tamil Nadu ·

    तमिल नाडु भारत के सबसे प्राचीन सांस्कृतिक क्षेत्रों में से एक है। यहाँ चोल, पांड्य और पल्लव जैसे महान राजवंशों ने शासन किया, और संगम साहित्य के रूप में तमिल भाषा की समृद्ध परंपरा विकसित हुई। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर, जिसे चोल …

  • लक्षद्वीप – अरब सागर के द्वीप, 661 ई. से इस्लामी परंपरा · Lakshadweep ·

    लक्षद्वीप अरब सागर में भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट से दूर स्थित द्वीपसमूह है। इसके शुरुआती उल्लेख 'एरिथ्रियन सागर के पेरिप्लस' में मिलते हैं, और संगम साहित्य में चेरों द्वारा इन द्वीपों पर नियंत्रण का उल्लेख है। स्थानीय परंपरा के अनुसार…

  • अण्डमान और निकोबार – 30 दिसंबर 1943 को फहराया गया तिरंगा · Andamanen und Nikobaren ·

    अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के इतिहास में 30 दिसंबर 1943 का दिन विशेष है, जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने श्री विजयपुरम में तिरंगा फहराया। इसकी स्मृति में आज भी हर वर्ष 30 दिसंबर को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ब्रिटिश शासन…

  • झारखण्ड – मुण्डा और भूमिज जनजातियों की प्राचीन धरती · Jharkhand ·

    झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया मुण्डा और भूमिज जनजातियों ने शुरू की। छोटानागपुर में मुण्डा नेता रिसा मुण्डा ने सुतिया पाहन को शासक चुना और सुतिया नागखण्ड नामक राज्य की स्थापना की। भूमिज जनजाति ने धालभूम, सिंहभूम, मानभूम और…

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली – इन्द्रप्रस्थ से भारत की राजधानी तक · Delhi ·

    दिल्ली का सबसे प्राचीन उल्लेख महाभारत में इन्द्रप्रस्थ के रूप में मिलता है, जो पांडवों की राजधानी थी। पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि ईसा से दो हज़ार वर्ष पहले भी यहाँ मनुष्य रहते थे, और मौर्य काल से यहाँ नगर का विकास शुरू हुआ। 'पृ…

  • मध्य प्रदेश – भीमबेटका, साँची और खजुराहो का हृदय प्रदेश · Madhya Pradesh ·

    भारत के हृदय में बसा मध्य प्रदेश मानव इतिहास की अद्भुत धरोहरों का घर है। भीमबेटका के शैलाश्रयों में हज़ारों वर्ष पुराने शैलचित्र हैं, साँची का स्तूप सम्राट अशोक के समय से जुड़ी बौद्ध परंपरा का प्रतीक है, और खजुराहो के मंदिर मध्यकाली…

  • छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य · Chhattisgarh ·

    छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था। …

  • हरियाणा – सरस्वती तट की सभ्यताएँ और गीता की भूमि · Haryana ·

    हरियाणा की धरती वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता से गहराई से जुड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे सिंधु घाटी जितनी पुरानी कई सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं, जैसे भिवानी के मिट्टाथल और कुणाल। मान्यता है कि महाभारत का युद्ध यहीं हुआ, जहा…

  • तेलंगाना – काकतीय वंश और तेलुगूभाषियों की भूमि · Telangana ·

    'तेलंगाणा' का अर्थ है 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। इस क्षेत्र पर सदियों तक अनेक शासकों ने राज किया: सातवाहन, काकतीय वंश (1083–1323), बहमनी सल्तनत, क़ुतुब शाही राजवंश (1512–1687), मुग़ल और फिर आसफ़ जाही राजवंश (1724–1948)। काकतीय क…

  • महाकाली अंचल – वह अंचल जो २०१५ में सुदूरपश्चिम प्रदेश का हिस्सा बना · Mahakali ·

    महाकाली नेपाल के उन चौदह अंचलों में से एक था, जो सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा हुआ करते थे। इसका मुख्यालय कंचनपुर जिले के भीमदत्त में था, और यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासन चलता था। सन् २०१५ के प्रशासनिक पुनर्गठन ने इस व्…

Rubriken

Nachbarregionen

Marktplatz · Kleinanzeigen · Branchen · Veranstaltungen · Über Regionauts