Amarpur

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Amarpur.

Aktuelle Beiträge

  • मिलकर पेड़-पौधों और बगीचे की देखभाल · Amarpur ·

    पेड़ और फूल हमारी गली को और सुहावना बनाते हैं। गर्मियों में मिलकर पानी देना या नए पौधे लगाना हर उम्र के लोगों के लिए अच्छी गतिविधि है। बीज या कलम आपस में बाँटना भी मज़ेदार है। अमरपुर, त्रिपुरा में कौन हरियाली की देखभाल के लिए…

  • घर बदलते समय मिलकर हाथ बँटाएँ · Amarpur ·

    घर बदलना शरीर और मन दोनों को थका देता है। दो-तीन अतिरिक्त हाथ काम को बहुत जल्दी निपटा देते हैं। गत्ते के डिब्बे, ठेला उधार देना या सामान ढोते समय बच्चों को सँभालना भी बड़ी मदद है। अगर आप अमरपुर, त्रिपुरा में आ रहे हैं या यहाँ …

  • अमरपुर, त्रिपुरा में नए हैं और अभी दोस्त नहीं बने? · Amarpur ·

    नए शहर में घुलने-मिलने में समय लगता है, इसलिए शुरुआत में पक्के दोस्त न हों तो चिंता मत कीजिए। किसी क्लब, खेल समूह या स्वयंसेवा से जुड़िए, क्योंकि वहाँ बातचीत शुरू करना आसान होता है। जिनसे अक्सर मिलते हैं उन्हें नमस्ते कहना भी अच्…

  • खेल या संगीत के साथी ढूँढिए · Amarpur ·

    खेल और संगीत तनाव कम करते हैं और एक जैसी रुचि वाले लोगों से मिलाते हैं। शुरुआत में माहिर होना ज़रूरी नहीं, कई समूह नए लोगों का ख़ुशी से स्वागत करते हैं। पहली बार किसी दोस्त को साथ ले जाइए ताकि झिझक न हो। आप कौन-सा खेल या वा…

  • अमरपुर, त्रिपुरा में टहलने का सबसे अच्छा रास्ता · Amarpur ·

    शाम की सैर मन को हल्का करती है और शहर को नए नज़रिए से दिखाती है। अमरपुर, त्रिपुरा में आपका पसंदीदा रास्ता कौन-सा है, और दिन के किस समय वहाँ जाना सबसे अच्छा है? अपना जवाब कमेंट में लिखिए।

  • छोटी दुकानें जिनका आप साथ देना चाहते हैं · Amarpur ·

    छोटी दुकानें हमारे मोहल्ले को ज़िंदा रखती हैं, और मुँह-ज़बानी तारीफ़ उनकी बहुत मदद करती है। अमरपुर, त्रिपुरा में कौन-सी दुकान आप उसकी अच्छी सेवा या बढ़िया सामान के लिए सुझाना चाहेंगे? कमेंट में लिखिए।

  • स्थानीय खेल क्लब और व्यायाम समूह · Amarpur ·

    दूसरों के साथ व्यायाम करने से हौसला बढ़ता है और नए दोस्त भी बनते हैं, चाहे फ़ुटबॉल हो, बैडमिंटन, दौड़ या पार्क में योग। क्या आप अमरपुर, त्रिपुरा में ऐसे किसी समूह को जानते हैं जो नए सदस्यों का स्वागत करता है? कमेंट में जानकारी सा…

  • फ़ोटो · Nagaland ·

    फ़ोन में तीन हज़ार फ़ोटो हैं, जिनमें दो हज़ार एक ही बिल्ली की एक ही मुद्रा में हैं।

  • छाता · Narayani ·

    ट्रेन में तीन बार छाता भूल आया। अब खोया-पाया दफ़्तर वाले मुझे नाम से पहचानते हैं।

  • चाय · Odisha ·

    मेहमान ने कहा, चाय मत बनाइए, परेशान मत होइए। सबको पता था कि यह वाक्य चाय बनवाने के लिए ही बोला जाता है।

  • कुत्ते की सैर · Puducherry ·

    कुत्ते को टहलाने निकला था। थोड़ी देर बाद पता चला कि कुत्ता मुझे टहला रहा है।

  • बिजली गई · Punjab ·

    बिजली जाते ही पूरे मोहल्ले से एक साथ आवाज़ आती है, अरे! और आते ही दूसरी आवाज़, आ गई!

  • पप्पू और घड़ी · Rajasthan ·

    टीचर: पप्पू, देर से क्यों आए? पप्पू: मैडम, बोर्ड पर लिखा था, धीरे चलें, स्कूल है।

  • रोटी · Rapti ·

    माँ पूछती हैं, और रोटी? मैं कहता हूँ, बस। और थाली में दो रोटियाँ और आ जाती हैं।

  • रामचरितमानस · Andamanen und Nikobaren ·

    जल सीकर महिरज गनि जाहीं। रघुपति चरित न बरनि सिराहीं॥ भव भञ्जन गञ्जन सन्देहा। जन रञ्जन सज्जन प्रिय एहा॥ राम उपासक जे जग माहीं। एहि सम प्रिय तिन्ह के कछु नाहीं॥ बिमल कथा हरिपद दायनी। भगति होइ सुनि अनपायनी॥ मन क्रम बचन जनित अघ …

  • कवितावली · Assam ·

    सीस जटा, उर बाहु बिसाल, बिलोचन लाल, तिरीछीसी भौंहैं। तून, सरासन, बान धरे, तुलसी बन-मारग में सुठि सोहैं॥ सादर बारहि बार सुभाय चितै सुम त्योँ हमरो मन मोहैं। पूँछति ग्रामवधू सिय सों “कहो साँवरे से, सखि! राबरे को हैं”?॥१॥ …

  • कामायनी · Lumbini ·

    मयूर पेपरबैक्स ए-95, सेक्टर-5, नोएडा-201301 संस्करण : 1992 मूल्य : 12.00 सरस्वती प्रिटिंग प्रेस ए-95, सेक्टर-5, नोएडा-201301 में मुद्रित। KAMAYANI (Poetry) by Jayshankar Prasad कामायनी जयशंकर प्रसाद — जयशंकर प्रसाद

  • प्रियप्रवास · Punjab ·

    तुलसी गंग दुवौ भये सुकविन के सरदार। इनके काव्यन मे मिली भाषा विविध प्रकार॥ निदाघ ज्वाला से विचलित हुआ चातक अभी । भुलाने जाता था निज विमल वश-व्रत सभी ।। दिया पत्र द्वारा नव बल मुझे आज तुमने । सुसाक्षी है मेरे विदित कुल-देव…

  • कहावत · Madhya Pradesh ·

    “जैसी करनी वैसी भरनी।” — कहावत

  • कहावत · Mahakali ·

    “बूँद-बूँद से घड़ा भरता है।” — कहावत

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