Garhpura

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Garhpura.

Aktuelle Beiträge

  • मदद माँगने में कोई शर्म नहीं · Garhpura ·

    बहुत-से लोग पड़ोसियों से मदद माँगने में झिझकते हैं, जबकि ज़्यादातर लोग ज़रूरत का पता चलते ही ख़ुशी से मदद करते हैं। बल्ब बदलना, चिट्ठी पढ़कर सुनाना या भारी सामान उठाना आसानी से किए जा सकने वाले काम हैं। Garhpura में आपको किस ची…

  • नए पड़ोसियों का स्वागत · Garhpura ·

    पहले दिन मिला गर्मजोशी भरा अभिवादन नए लोगों को घर जैसा एहसास देता है। बस अपना परिचय देना और बाज़ार या दवा की दुकान का रास्ता बताना ही बहुत मदद है। कुछ लोग शायद अभी स्थानीय भाषा या रीति-रिवाज़ों से परिचित न हों, इसलिए धैर्य ज़र…

  • छोटे हुनर जो ज़िंदगी भर काम आते हैं · Garhpura ·

    आसान खाना बनाना, साइकिल ठीक करना या ख़ुद फ़ॉर्म भरना बहुत काम के हुनर हैं। घर के बड़ों या पड़ोसियों से कोई एक चीज़ सिखाने को कहिए। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। ग़लतियों से सीखना भी बिल्कुल सामान्य है। अगला कौन-सा हुनर आप सीखना चाह…

  • ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहें · Garhpura ·

    एक बार पोस्ट की गई निजी जानकारी हटाना मुश्किल हो सकता है। अपना पता, तस्वीरें या यात्रा की योजना साझा करने से पहले सोचिए। हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखिए और दो-चरणीय सत्यापन चालू कीजिए। अगर कोई संदेश असहज करे, तो ब्लॉक कीजिए, र…

  • Garhpura की छुपी हुई ख़ूबसूरत जगहें · Garhpura ·

    हर शहर में कुछ छोटी-छोटी सुंदर जगहें होती हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं: कोई शांत बगीचा, नदी किनारे की पगडंडी या गली के आख़िर में छोटी-सी दुकान। क्या आपके मन में ऐसी कोई जगह है? कमेंट में साझा कीजिए ताकि सब मिलकर घू…

  • Garhpura को और बेहतर कैसे बनाया जाए? · Garhpura ·

    एक अच्छा समुदाय एक-दूसरे की बात सुनने से शुरू होता है। शायद कोई छोटी-सी बात, जैसे पार्क में बेंच, सड़क की बत्ती या ज़्यादा कूड़ेदान। आपके हिसाब से रोज़मर्रा की ज़िंदगी को क्या आसान बनाएगा? कमेंट में रचनात्मक सुझाव दीजिए।

  • बारिश के दिन के लिए आइडिया · Garhpura ·

    पूरे दिन बारिश हो तो भी दिन उबाऊ होना ज़रूरी नहीं। पुस्तकालय, बोर्ड गेम वाला कैफ़े या घर पर कोई हस्तशिल्प भी बहुत मज़ेदार हो सकता है। बारिश में Garhpura में आपको क्या करना पसंद है? अपने आइडिया कमेंट में साझा कीजिए।

  • अण्डमान और निकोबार – 30 दिसंबर 1943 को फहराया गया तिरंगा · Andamanen und Nikobaren ·

    अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के इतिहास में 30 दिसंबर 1943 का दिन विशेष है, जब नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने श्री विजयपुरम में तिरंगा फहराया। इसकी स्मृति में आज भी हर वर्ष 30 दिसंबर को भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। ब्रिटिश शासन…

  • झारखण्ड – मुण्डा और भूमिज जनजातियों की प्राचीन धरती · Jharkhand ·

    झारखण्ड में राज्य निर्माण की प्रक्रिया मुण्डा और भूमिज जनजातियों ने शुरू की। छोटानागपुर में मुण्डा नेता रिसा मुण्डा ने सुतिया पाहन को शासक चुना और सुतिया नागखण्ड नामक राज्य की स्थापना की। भूमिज जनजाति ने धालभूम, सिंहभूम, मानभूम और…

  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली – इन्द्रप्रस्थ से भारत की राजधानी तक · Delhi ·

    दिल्ली का सबसे प्राचीन उल्लेख महाभारत में इन्द्रप्रस्थ के रूप में मिलता है, जो पांडवों की राजधानी थी। पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि ईसा से दो हज़ार वर्ष पहले भी यहाँ मनुष्य रहते थे, और मौर्य काल से यहाँ नगर का विकास शुरू हुआ। 'पृ…

  • मध्य प्रदेश – भीमबेटका, साँची और खजुराहो का हृदय प्रदेश · Madhya Pradesh ·

    भारत के हृदय में बसा मध्य प्रदेश मानव इतिहास की अद्भुत धरोहरों का घर है। भीमबेटका के शैलाश्रयों में हज़ारों वर्ष पुराने शैलचित्र हैं, साँची का स्तूप सम्राट अशोक के समय से जुड़ी बौद्ध परंपरा का प्रतीक है, और खजुराहो के मंदिर मध्यकाली…

  • छत्तीसगढ़ – प्राचीन दक्षिण कोशल और दंडकारण्य · Chhattisgarh ·

    छत्तीसगढ़ प्राचीन काल के दक्षिण कोशल का हिस्सा है। पौराणिक काल का कोशल प्रदेश बाद में उत्तर कोशल और दक्षिण कोशल में बँट गया, और दक्षिण कोशल ही आज का छत्तीसगढ़ कहलाता है। इससे पहले यह दंडकारण्य, गोंड लोगों का प्राचीन निवास स्थान था। …

  • हरियाणा – सरस्वती तट की सभ्यताएँ और गीता की भूमि · Haryana ·

    हरियाणा की धरती वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता से गहराई से जुड़ी है। सरस्वती नदी के किनारे सिंधु घाटी जितनी पुरानी कई सभ्यताओं के अवशेष मिले हैं, जैसे भिवानी के मिट्टाथल और कुणाल। मान्यता है कि महाभारत का युद्ध यहीं हुआ, जहा…

  • तेलंगाना – काकतीय वंश और तेलुगूभाषियों की भूमि · Telangana ·

    'तेलंगाणा' का अर्थ है 'तेलुगूभाषियों की भूमि'। इस क्षेत्र पर सदियों तक अनेक शासकों ने राज किया: सातवाहन, काकतीय वंश (1083–1323), बहमनी सल्तनत, क़ुतुब शाही राजवंश (1512–1687), मुग़ल और फिर आसफ़ जाही राजवंश (1724–1948)। काकतीय क…

  • महाकाली अंचल – वह अंचल जो २०१५ में सुदूरपश्चिम प्रदेश का हिस्सा बना · Mahakali ·

    महाकाली नेपाल के उन चौदह अंचलों में से एक था, जो सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा हुआ करते थे। इसका मुख्यालय कंचनपुर जिले के भीमदत्त में था, और यहीं से पूरे क्षेत्र का प्रशासन चलता था। सन् २०१५ के प्रशासनिक पुनर्गठन ने इस व्…

  • सेती अंचल – धनगढ़ी और सिलगढ़ी का सुदूर-पश्चिमी अंचल · Seti ·

    सेती नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और सुदूर-पश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्र का हिस्सा था। इसका मुख्यालय पहाड़ी कस्बे सिलगढ़ी में था, जबकि तराई में बसा धनगढ़ी इस अंचल का सबसे प्रमुख नगर रहा। यही दोहरा स्वरूप, ऊपर पहाड़ और नीचे समतल तरा…

  • धवलागिरी अंचल – धौलागिरी की छाया में बसा पश्चिमी अंचल · Dhaulagiri ·

    धौलागिरी हिमशिखर के नाम पर बने इस अंचल की पहचान उसके पहाड़ ही हैं। १० सितम्बर २०१५ से पहले यह नेपाल के चौदह अंचलों में से एक था और पश्चिमांचल विकास क्षेत्र में स्थित था; इसका मुख्यालय बगलुंग में था। नए संविधान के बाद पूरा देश …

  • बागमती प्रदेश – २०१५ के संविधान से बना, राजधानी का प्रदेश · Bagmati ·

    २० सितम्बर २०१५ को लागू हुए संविधान के अनुसार नेपाल में सात नए प्रदेश बनाने का प्रावधान किया गया, और बागमती उनमें से एक है। इस बदलाव ने पुरानी अंचल-व्यवस्था की जगह एक नई प्रशासनिक रूपरेखा दी, जिसका असर यहाँ के हर जिले पर पड़ा।…

  • जनकपुर अंचल – सीता की जन्मभूमि जनकपुर के नाम पर · Janakpur ·

    इस अंचल का नाम जनकपुर से आया है, उसी स्थान से जिसे रामायण की पात्र सीता की जन्मभूमि माना जाता है। यही सांस्कृतिक विरासत पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान है और आज भी यहाँ के मेलों, मंदिरों और लोकगीतों में सुनाई देती है। अंचल में…

  • सगरमाथा अंचल – दुनिया की सबसे ऊँची चोटी के नाम पर · Sagarmatha ·

    हिमालय के सर्वोच्च शिखर माउण्ट एवरेस्ट को नेपाल में सगरमाथा कहा जाता है, और इसी नाम पर इस अंचल का नाम रखा गया। पूर्वांचल विकास क्षेत्र में स्थित यह अंचल उत्तर के हिमालयी ढलानों से लेकर दक्षिण के तराई मैदानों तक फैला है, इसलिए यहा…

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