Thakurmunda
Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Thakurmunda.
Aktuelle Beiträge
- नए पड़ोसियों का स्वागत · Thakurmunda ·
पहले दिन मिला गर्मजोशी भरा अभिवादन नए लोगों को घर जैसा एहसास देता है। बस अपना परिचय देना और बाज़ार या दवा की दुकान का रास्ता बताना ही बहुत मदद है। कुछ लोग शायद अभी स्थानीय भाषा या रीति-रिवाज़ों से परिचित न हों, इसलिए धैर्य ज़र…
- मोहल्ले में औज़ार साझा करें · Thakurmunda ·
ड्रिल, सीढ़ी या घास काटने की मशीन अक्सर साल में कुछ ही बार काम आती है। पड़ोसियों के बीच उधार देने-लेने से पैसे और जगह दोनों बचते हैं। उन चीज़ों की सूची बनाइए जो आप उधार दे सकते हैं और लौटाने का समय पहले तय कर लीजिए। आप ठाकुर…
- ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहें · Thakurmunda ·
एक बार पोस्ट की गई निजी जानकारी हटाना मुश्किल हो सकता है। अपना पता, तस्वीरें या यात्रा की योजना साझा करने से पहले सोचिए। हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखिए और दो-चरणीय सत्यापन चालू कीजिए। अगर कोई संदेश असहज करे, तो ब्लॉक कीजिए, र…
- पहली नौकरी: तैयारी कैसे करें · Thakurmunda ·
पहली पार्ट-टाइम नौकरी अनुभव और आत्मविश्वास दोनों देती है। एक छोटा-सा बायोडाटा तैयार कीजिए जिसमें आपकी ख़ूबियाँ और गतिविधियाँ लिखी हों। इंटरव्यू में समय पर पहुँचिए और अपने कुछ सवाल भी तैयार रखिए। काम शुरू करने से पहले शर्तें स…
- छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए गतिविधियाँ · Thakurmunda ·
बहुत-से माता-पिता बच्चों के लिए सुरक्षित और किफ़ायती जगहें ढूँढते हैं। पार्क, खेल का मैदान या पुस्तकालय की गतिविधियाँ अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ठाकुरमुंडा में आप बच्चों को सबसे ज़्यादा कहाँ ले जाते हैं? कमेंट में अपना अनुभव साझा …
- स्थानीय शब्द जो बाहर वालों को उलझा देते हैं · Thakurmunda ·
हर इलाक़े की अपनी बोली और अपने प्यारे शब्द होते हैं। कुछ शब्द सुनकर बाहर से आए लोग सोच में पड़ जाते हैं। ठाकुरमुंडा के लोग कौन-सा शब्द अक्सर बोलते हैं, और उसका मतलब क्या है? आइए कमेंट में मिलकर इन्हें इकट्ठा करें।
- ठाकुरमुंडा में नए आए हैं? आइए, परिचय करें! · Thakurmunda ·
नई जगह पर ज़िंदगी शुरू करना शुरुआत में थोड़ा अकेलापन भरा लग सकता है, लेकिन यहाँ मदद के लिए पड़ोसी हमेशा तैयार हैं। अगर आप हाल ही में आए हैं, तो अपना छोटा-सा परिचय दीजिए। और अगर आप यहाँ लंबे समय से रहते हैं, तो नए लोगों के …
- गुजरात – द्वारका और सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत · Gujarat ·
गुजरात का इतिहास पाषाण युग की बस्तियों से शुरू होता है, और यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य युगीन बस्तियाँ भी पनपीं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जिसे द्वारका यानी 'प्रवेशद्वार' कहा गया – यह…
- हिमाचल प्रदेश – बर्फ़ीले पहाड़ों की 'देवभूमि' · Himachal Pradesh ·
हिमाचल प्रदेश का अर्थ है 'बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत', और इसे 'देवभूमि' भी कहा जाता है। इसका इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव अस्तित्व – प्रदेश के कई भागों में हुई खुदाई इसकी गवाही देती है। प्राचीनकाल में यहाँ के आदि निवासी दा…
- जम्मू और कश्मीर – 'राजतरंगिणी' और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत · Jammu und Kashmir ·
जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। 12वीं शताब्दी में कवि कल्हण द्वारा लिखी गई 'राजतरंगिणी' कश्मीर के राजाओं का इतिहास बताती है और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों में गिनी जाती है। कश्…
- बिहार – मगध, मिथिला और विदेह की प्राचीन भूमि · Bihar ·
बिहार प्राचीन भारत के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों – मगध, मिथिला और अंग – से मिलकर बना है, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में विदेह राज्य कुरु और पंचाल के साथ दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और स…
- उत्तर प्रदेश – गंगा-यमुना दोआब और प्राचीन वाराणसी · Uttar Pradesh ·
उत्तर प्रदेश का ज्ञात इतिहास लगभग चार हज़ार वर्ष पुराना है। वैदिक सभ्यता का एक बड़ा केंद्र यहीं विकसित हुआ, जब लोग सिंधु और सतलुज के मैदानों से आकर गंगा-यमुना के दोआब और घाघरा क्षेत्र में बसे। संसार के सबसे प्राचीन नगरों में गिना …
- आन्ध्र प्रदेश – भट्टीप्रोलु और तेलुगू भाषा की प्राचीन जड़ें · Andhra Pradesh ·
आन्ध्र का उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 800 ई.पू.) और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। भट्टीप्रोलु में मिले शिलालेखों में तेलुगू भाषा की जड़ें खोजी गई हैं, और यहीं कुबेरका द्वारा शासित एक प्रारंभिक राज्य की राजधानी प्रतिपालपु…
- ओडिशा – ओड्र देश और कलिंग की प्राचीन भूमि · Odisha ·
ओडिशा का नाम संस्कृत के 'ओड्र देश' से निकला है। ओड्र लोगों का उल्लेख पाली और संस्कृत साहित्य में मिलता है, और प्लिनी तथा टॉलमी जैसे यूनानी लेखकों ने भी उनका वर्णन किया है। महाभारत में ओड्रों का ज़िक्र उत्कल, कलिंग और आन्ध्र के साथ हु…
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव – पुर्तगाली अतीत से 2020 तक · Dadra und Nagar Haveli und Daman und Diu ·
इस केंद्रशासित प्रदेश का इतिहास पुर्तगाली काल से गहराई से जुड़ा है। दमन और दीव 1520 के दशक से 19 दिसंबर 1961 तक पुर्तगाली भारत का हिस्सा रहे, जबकि दादरा और नगर हवेली 1779 से 1961 तक पुर्तगाली नियंत्रण में रहे। 1961 में ये क्षेत्र…
- महाराष्ट्र – अजन्ता की गुफाएँ और 'महान देश' की विरासत · Maharashtra ·
महाराष्ट्र का अर्थ है 'महान देश', और यह नाम यहाँ के संतों की देन माना जाता है। वाकाटक शासकों के समय अजन्ता की गुफाओं का निर्माण हुआ, जो आज भारत की सबसे प्रसिद्ध कलात्मक धरोहरों में से हैं। इससे बहुत पहले, लगभग 500 ईसा पूर्व, शूर्…
- गोवा – लगभग 450 वर्षों का पुर्तगाली इतिहास · Goa ·
गोवा का इतिहास तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से शुरू होता है, जब यहाँ मौर्य शासन स्थापित हुआ। बाद में सातवाहन, फिर बादामी के चालुक्य (580–750) और अनेक अन्य शासकों ने यहाँ राज किया। 1312 में यह दिल्ली सल्तनत के अधीन आया, फिर विजयनगर क…
- कर्नाटक – कदंब वंश और सोने की प्राचीन खानें · Karnataka ·
कर्नाटक का इतिहास पाषाण युग तक जाता है। हड़प्पा में मिला सोना कर्नाटक की खानों से आया माना जाता है, जिससे लगभग 3000 ई.पू. में इस क्षेत्र और सिंधु घाटी सभ्यता के बीच संबंध का पता चलता है। बाद में यह क्षेत्र नंद और मौर्य शासन के अध…
- केरल – चेर राजाओं की भूमि और परशुराम की कथा · Kerala ·
पौराणिक कथा के अनुसार परशुराम ने अपना परशु समुद्र में फेंका और उसी आकार की भूमि समुद्र से निकलकर केरल बनी। 'केरल' नाम की उत्पत्ति पर विद्वान एकमत नहीं हैं; एक मत के अनुसार यह 'चेरलम' यानी चेर राजाओं के राज्य से बना, क्योंकि लं…
- पुदुच्चेरी – लगभग 300 वर्षों की फ्रांसीसी विरासत · Puducherry ·
पुदुच्चेरी, जिसे पहले पॉन्डिचेरी कहा जाता था, लगभग 300 वर्षों तक फ्रांसीसी अधिकार में रहा। यह एक फ्रांसीसी उपनिवेश था जिसमें चार अलग-अलग ज़िले शामिल थे, और आज भी यहाँ की सड़कों, भवनों और संस्कृति में फ्रांसीसी वास्तुकला की छाप सा…
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