Badlapur

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Badlapur.

Aktuelle Beiträge

  • घर बदलते समय मिलकर हाथ बँटाएँ · Badlapur ·

    घर बदलना शरीर और मन दोनों को थका देता है। दो-तीन अतिरिक्त हाथ काम को बहुत जल्दी निपटा देते हैं। गत्ते के डिब्बे, ठेला उधार देना या सामान ढोते समय बच्चों को सँभालना भी बड़ी मदद है। अगर आप बदलापुर में आ रहे हैं या यहाँ से जा रह…

  • सुबह की सैर का समूह बनाएँ · Badlapur ·

    साथ मिलकर सुबह की सैर सेहत के लिए अच्छी है और पड़ोसियों से बातचीत का मौक़ा भी देती है, ख़ासकर अकेले रहने वालों के लिए। मिलने की जगह और समय साफ़ तय कीजिए, और धीरे चलिए ताकि सब साथ चल सकें। बदलापुर में कौन सुबह की सैर का समूह …

  • खेल या संगीत के साथी ढूँढिए · Badlapur ·

    खेल और संगीत तनाव कम करते हैं और एक जैसी रुचि वाले लोगों से मिलाते हैं। शुरुआत में माहिर होना ज़रूरी नहीं, कई समूह नए लोगों का ख़ुशी से स्वागत करते हैं। पहली बार किसी दोस्त को साथ ले जाइए ताकि झिझक न हो। आप कौन-सा खेल या वा…

  • बदलापुर में दोस्तों के साथ कम ख़र्च में मौज-मस्ती · Badlapur ·

    दोस्तों के साथ मज़े के लिए ज़्यादा पैसे ख़र्च करना ज़रूरी नहीं। पार्क में पिकनिक, साइकिल चलाना, बोर्ड गेम या साथ मिलकर खाना बनाना भी यादगार पल बना देता है। दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाइए और ख़र्च बाँट लीजिए। क्या बदलापुर में सस्ती …

  • इस हफ़्ते की तस्वीर: आपकी नज़र से बदलापुर · Badlapur ·

    ढलते सूरज का आसमान, सड़क किनारे खिले फूल या दुकान के सामने सोती बिल्ली, ये छोटी-छोटी तस्वीरें शहर की कहानी सबसे अच्छी तरह कहती हैं। इस हफ़्ते किस चीज़ ने आपके चेहरे पर मुस्कान ला दी? कमेंट में उस पल के बारे में बताइए या उसे साझ…

  • इस हफ़्ते के अंत में बदलापुर में क्या करें? · Badlapur ·

    कभी-कभी सबसे अच्छे सुझाव पड़ोसियों से ही मिलते हैं: कोई बाज़ार, बाहर की कोई गतिविधि या नया खुला खाने का ठिकाना। इस सप्ताहांत के लिए आपकी क्या योजना या सलाह है? कमेंट में लिखिए ताकि दूसरों को भी आइडिया मिले।

  • बदलापुर में टहलने का सबसे अच्छा रास्ता · Badlapur ·

    शाम की सैर मन को हल्का करती है और शहर को नए नज़रिए से दिखाती है। बदलापुर में आपका पसंदीदा रास्ता कौन-सा है, और दिन के किस समय वहाँ जाना सबसे अच्छा है? अपना जवाब कमेंट में लिखिए।

  • छाता · Narayani ·

    ट्रेन में तीन बार छाता भूल आया। अब खोया-पाया दफ़्तर वाले मुझे नाम से पहचानते हैं।

  • चाय · Odisha ·

    मेहमान ने कहा, चाय मत बनाइए, परेशान मत होइए। सबको पता था कि यह वाक्य चाय बनवाने के लिए ही बोला जाता है।

  • कुत्ते की सैर · Puducherry ·

    कुत्ते को टहलाने निकला था। थोड़ी देर बाद पता चला कि कुत्ता मुझे टहला रहा है।

  • बिजली गई · Punjab ·

    बिजली जाते ही पूरे मोहल्ले से एक साथ आवाज़ आती है, अरे! और आते ही दूसरी आवाज़, आ गई!

  • पप्पू और घड़ी · Rajasthan ·

    टीचर: पप्पू, देर से क्यों आए? पप्पू: मैडम, बोर्ड पर लिखा था, धीरे चलें, स्कूल है।

  • रोटी · Rapti ·

    माँ पूछती हैं, और रोटी? मैं कहता हूँ, बस। और थाली में दो रोटियाँ और आ जाती हैं।

  • रामचरितमानस · Andamanen und Nikobaren ·

    जल सीकर महिरज गनि जाहीं। रघुपति चरित न बरनि सिराहीं॥ भव भञ्जन गञ्जन सन्देहा। जन रञ्जन सज्जन प्रिय एहा॥ राम उपासक जे जग माहीं। एहि सम प्रिय तिन्ह के कछु नाहीं॥ बिमल कथा हरिपद दायनी। भगति होइ सुनि अनपायनी॥ मन क्रम बचन जनित अघ …

  • कवितावली · Assam ·

    सीस जटा, उर बाहु बिसाल, बिलोचन लाल, तिरीछीसी भौंहैं। तून, सरासन, बान धरे, तुलसी बन-मारग में सुठि सोहैं॥ सादर बारहि बार सुभाय चितै सुम त्योँ हमरो मन मोहैं। पूँछति ग्रामवधू सिय सों “कहो साँवरे से, सखि! राबरे को हैं”?॥१॥ …

  • कामायनी · Lumbini ·

    मयूर पेपरबैक्स ए-95, सेक्टर-5, नोएडा-201301 संस्करण : 1992 मूल्य : 12.00 सरस्वती प्रिटिंग प्रेस ए-95, सेक्टर-5, नोएडा-201301 में मुद्रित। KAMAYANI (Poetry) by Jayshankar Prasad कामायनी जयशंकर प्रसाद — जयशंकर प्रसाद

  • प्रियप्रवास · Punjab ·

    तुलसी गंग दुवौ भये सुकविन के सरदार। इनके काव्यन मे मिली भाषा विविध प्रकार॥ निदाघ ज्वाला से विचलित हुआ चातक अभी । भुलाने जाता था निज विमल वश-व्रत सभी ।। दिया पत्र द्वारा नव बल मुझे आज तुमने । सुसाक्षी है मेरे विदित कुल-देव…

  • कहावत · Madhya Pradesh ·

    “जैसी करनी वैसी भरनी।” — कहावत

  • कहावत · Mahakali ·

    “बूँद-बूँद से घड़ा भरता है।” — कहावत

  • कहावत · Maharashtra ·

    “जहाँ चाह वहाँ राह।” — कहावत

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