Kushtagi

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Kushtagi.

Aktuelle Beiträge

  • घर बदलते समय मिलकर हाथ बँटाएँ · Kushtagi ·

    घर बदलना शरीर और मन दोनों को थका देता है। दो-तीन अतिरिक्त हाथ काम को बहुत जल्दी निपटा देते हैं। गत्ते के डिब्बे, ठेला उधार देना या सामान ढोते समय बच्चों को सँभालना भी बड़ी मदद है। अगर आप Kushtagi में आ रहे हैं या यहाँ से जा र…

  • सुबह की सैर का समूह बनाएँ · Kushtagi ·

    साथ मिलकर सुबह की सैर सेहत के लिए अच्छी है और पड़ोसियों से बातचीत का मौक़ा भी देती है, ख़ासकर अकेले रहने वालों के लिए। मिलने की जगह और समय साफ़ तय कीजिए, और धीरे चलिए ताकि सब साथ चल सकें। Kushtagi में कौन सुबह की सैर का समूह…

  • खेल या संगीत के साथी ढूँढिए · Kushtagi ·

    खेल और संगीत तनाव कम करते हैं और एक जैसी रुचि वाले लोगों से मिलाते हैं। शुरुआत में माहिर होना ज़रूरी नहीं, कई समूह नए लोगों का ख़ुशी से स्वागत करते हैं। पहली बार किसी दोस्त को साथ ले जाइए ताकि झिझक न हो। आप कौन-सा खेल या वा…

  • Kushtagi में दोस्तों के साथ कम ख़र्च में मौज-मस्ती · Kushtagi ·

    दोस्तों के साथ मज़े के लिए ज़्यादा पैसे ख़र्च करना ज़रूरी नहीं। पार्क में पिकनिक, साइकिल चलाना, बोर्ड गेम या साथ मिलकर खाना बनाना भी यादगार पल बना देता है। दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाइए और ख़र्च बाँट लीजिए। क्या Kushtagi में सस्ती…

  • स्थानीय खाना जो ज़रूर चखना चाहिए · Kushtagi ·

    खाना हर समुदाय का दिल होता है, और कुछ व्यंजन सिर्फ़ हमारे इलाक़े में ही मिलते हैं। Kushtagi का कौन-सा व्यंजन आप चाहेंगे कि हर कोई कम से कम एक बार ज़रूर चखे? उसका नाम और अपना अनुभव कमेंट में बताइए।

  • सूर्यास्त देखने की सबसे सुंदर जगह · Kushtagi ·

    सुंदर सूर्यास्त देखने के लिए दूर जाने की ज़रूरत नहीं; कभी एक पुल, छोटी पहाड़ी या खेत का किनारा ही काफ़ी है। Kushtagi में शाम की रोशनी देखने के लिए आपकी पसंदीदा जगह कौन-सी है? कमेंट में सुझाइए।

  • Kushtagi का आपका पसंदीदा बाज़ार · Kushtagi ·

    सुबह का बाज़ार, शाम का हाट या सप्ताहांत का बाज़ार, सबकी अपनी रौनक है। वहाँ ताज़ा सामान भी मिलता है और मिलनसार दुकानदारों से बातचीत भी होती है। आप किस बाज़ार में अक्सर जाते हैं, और वहाँ कौन-सी दुकान ज़रूर देखनी चाहिए? कमेंट में…

  • अरुणाचल प्रदेश – 'उगते सूर्य का पर्वत' और उसकी मौखिक परंपराएँ · Arunachal Pradesh ·

    अरुणाचल का अर्थ है 'उगते सूर्य का पर्वत'। इस पर्वतीय प्रदेश का प्राचीन इतिहास लिखित रूप में कम मिलता है; इसकी स्मृतियाँ मौखिक परंपराओं, लोककथाओं और पहाड़ों में बिखरे ऐतिहासिक खंडहरों में सुरक्षित हैं। खुदाई से पता चलता है कि इनम…

  • सिक्किम – हिमालय का छोटा पर्वतीय राज्य, 1975 से भारत का अंग · Sikkim ·

    सिक्किम पूर्वोत्तर भारत में बसा एक छोटा, अंगूठे के आकार का पर्वतीय राज्य है, जिसकी सीमाएँ नेपाल, तिब्बत और भूटान से लगती हैं। सदियों तक यहाँ एक अलग राजशाही रही, और 1975 में सिक्किम भारत का राज्य बना। हिमालय की ऊँची चोटियों के ब…

  • पश्चिम बंगाल – जहाँ से भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत हुई · Westbengalen ·

    बंगाल लंबे समय तक व्यापार और उद्योग का समृद्ध केंद्र रहा। 15वीं शताब्दी के अंत तक यहाँ यूरोपीय व्यापारी पहुँच चुके थे, और 18वीं शताब्दी के अंत तक यह क्षेत्र ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी के नियंत्रण में आ गया। भारत में ब्रिटिश साम्राज्य क…

  • असम – प्राचीन कामरूप और वर्मन राजवंश की भूमि · Assam ·

    असम को प्राचीन ग्रंथों में प्राग्ज्योतिषपुर और बाद में कामरूप के नाम से जाना जाता था। यहाँ शक्तिशाली राजवंशों ने शासन किया: वर्मन (350–650 ई.), शालस्तम्भ (655–900 ई.) और कामरूप पाल (900–1100 ई.)। प्रसिद्ध वर्मन शासक भास्कर वर्मन (600…

  • उत्तराखण्ड – केदारखण्ड और मानसखण्ड की देवभूमि · Uttarakhand ·

    उत्तराखण्ड का इतिहास पुराणों में गहराई से जुड़ा है। स्कन्द पुराण में हिमालय के पाँच खण्ड बताए गए हैं, जिनमें केदारखण्ड (गढ़वाल) और कुर्मांचल या मानसखण्ड (कुमाऊँ) शामिल हैं। पौराणिक ग्रंथों में यहाँ ऋषि-मुनियों की तपस्या और राजा कुब…

  • नागालैण्ड – 1963 में बना भारत का सोलहवाँ राज्य · Nagaland ·

    नागालैण्ड भारत का सोलहवाँ राज्य है, जिसका गठन 1 दिसंबर 1963 को हुआ। इसका इतिहास पड़ोसी असम और बर्मा से गहराई से जुड़ा रहा है, और यहाँ रहने वाली सोलह जनजातियाँ अपनी-अपनी भाषाओं, वेशभूषा और परंपराओं से इस प्रदेश को एक अनूठी सां…

  • मणिपुर – मैतै संस्कृति और मणिपुरी भाषा की भूमि · Manipur ·

    मणिपुर पूर्वोत्तर भारत का एक सुंदर पर्वतीय राज्य है, जिसके बीच में एक उपजाऊ घाटी स्थित है। इस घाटी के मूल निवासी मैतै लोग हैं, जिनकी भाषा मेइतिलोन या मणिपुरी कहलाती है। सदियों से यहाँ विकसित हुई संस्कृति – नृत्य, संगीत, खेल और…

  • मिज़ोरम – लुशाई हिल्स से 1987 में पूर्ण राज्य तक · Mizoram ·

    मिज़ोरम एक पर्वतीय प्रदेश है, जिसका आधुनिक इतिहास लुशाई पहाड़ियों से जुड़ा है। 1891 में ब्रिटिश अधिकार के बाद उत्तर का भाग असम और दक्षिण का भाग बंगाल के अधीन रहा, और 1898 में दोनों को मिलाकर लुशाई हिल्स ज़िला बनाया गया। लंबे समय…

  • त्रिपुरा – माणिक्य राजवंश और 'राजमाला' की गाथाएँ · Tripura ·

    त्रिपुरा का इतिहास बहुत पुराना है। इसकी कहानी 'राजमाला' नामक गाथाओं में दर्ज है, जो त्रिपुरा के राजाओं का वर्णन करती हैं, और महाभारत तथा पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है। कई शताब्दियों तक यहाँ त्रिपुरी राजवंश ने शासन …

  • मेघालय – 'बादलों का घर' और नवपाषाणकालीन विरासत · Meghalaya ·

    मेघालय का अर्थ है 'बादलों का घर'। यहाँ लोग नवपाषाण युग से रहते आए हैं, और अब तक मिले नवपाषाण स्थल प्रायः खासी और गारो पहाड़ियों जैसे ऊँचे स्थानों पर हैं। पुरानी झूम खेती की परंपरा आज भी यहाँ देखी जा सकती है। मानव इतिहास में…

  • पंजाब (भारत) – गुरु नानक देव और सिख परंपरा की धरती · Punjab ·

    15वीं और 16वीं शताब्दी में पंजाब के इतिहास ने नया मोड़ लिया, जब गुरु नानक देव की शिक्षाओं से यहाँ भक्ति आंदोलन को बल मिला और सिख पंथ का उदय हुआ, जिसका उद्देश्य धर्म और समाज की कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोबिंद सिंह न…

  • राजस्थान – राजपूताना, राजाओं की भूमि · Rajasthan ·

    राजस्थान को 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने 'राजपूताना' नाम दिया, और इतिहासकार जेम्स टॉड ने इसे 'राजस्थान' कहा। मध्यकाल में राजपूतों के विभिन्न वंशों ने इस क्षेत्र के अलग-अलग भागों पर शासन किया और उन्हें अपने वंशों के नाम दिए – यही वि…

  • गुजरात – द्वारका और सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत · Gujarat ·

    गुजरात का इतिहास पाषाण युग की बस्तियों से शुरू होता है, और यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य युगीन बस्तियाँ भी पनपीं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जिसे द्वारका यानी 'प्रवेशद्वार' कहा गया – यह…

Rubriken

Nachbarregionen

Marktplatz · Kleinanzeigen · Branchen · Veranstaltungen · Über Regionauts