Manur

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Manur.

Aktuelle Beiträge

  • मिलकर मरम्मत का दिन · Manur ·

    थोड़ी-सी ख़राब चीज़ों को फेंकना ज़रूरी नहीं। पंखा, फटा कपड़ा या पंक्चर साइकिल किसी की मदद से कुछ मिनटों में ठीक हो सकती है। एक छोटा मरम्मत दिवस रखिए जहाँ हुनरमंद लोग सिखाएँ और मदद करें। Manur में किसके पास मरम्मत का हुनर है और …

  • बगीचे के फल-सब्ज़ियाँ बाँटें · Manur ·

    कभी-कभी आम का पेड़ या सब्ज़ी की क्यारी एक परिवार की ज़रूरत से ज़्यादा उपज देती है। उसे ख़राब होने देने के बजाय पड़ोसियों में बाँटिए या घर के बाहर 'मुफ़्त ले जाएँ' लिखकर रख दीजिए। इससे खाने की बर्बादी भी कम होती है और चेहरों पर मुस्क…

  • मज़े-मज़े में नई भाषा सीखें · Manur ·

    भाषा सीखना उबाऊ होना ज़रूरी नहीं। सबटाइटल के साथ फ़िल्में देखिए, गाने सुनिए या भाषा बदलने वाला साथी ढूँढिए। रोज़ थोड़ा-थोड़ा अभ्यास एक बार में ढेर सारी पढ़ाई से ज़्यादा असरदार होता है। क्या Manur में कोई भाषा अभ्यास समूह बनाना चाहे…

  • स्क्रीन के समय में संतुलन · Manur ·

    फ़ोन दोस्तों से जुड़े रहना आसान बनाता है, लेकिन ज़्यादा इस्तेमाल से थकान और नींद की दिक़्क़त हो सकती है। सोने से पहले नोटिफ़िकेशन बंद कीजिए या खाना खाते समय फ़ोन दूर रखिए। बाहर टहलना या दोस्तों से आमने-सामने मिलना भी ताज़गी देता है।…

  • Manur को और बेहतर कैसे बनाया जाए? · Manur ·

    एक अच्छा समुदाय एक-दूसरे की बात सुनने से शुरू होता है। शायद कोई छोटी-सी बात, जैसे पार्क में बेंच, सड़क की बत्ती या ज़्यादा कूड़ेदान। आपके हिसाब से रोज़मर्रा की ज़िंदगी को क्या आसान बनाएगा? कमेंट में रचनात्मक सुझाव दीजिए।

  • बारिश के दिन के लिए आइडिया · Manur ·

    पूरे दिन बारिश हो तो भी दिन उबाऊ होना ज़रूरी नहीं। पुस्तकालय, बोर्ड गेम वाला कैफ़े या घर पर कोई हस्तशिल्प भी बहुत मज़ेदार हो सकता है। बारिश में Manur में आपको क्या करना पसंद है? अपने आइडिया कमेंट में साझा कीजिए।

  • स्थानीय खाना जो ज़रूर चखना चाहिए · Manur ·

    खाना हर समुदाय का दिल होता है, और कुछ व्यंजन सिर्फ़ हमारे इलाक़े में ही मिलते हैं। Manur का कौन-सा व्यंजन आप चाहेंगे कि हर कोई कम से कम एक बार ज़रूर चखे? उसका नाम और अपना अनुभव कमेंट में बताइए।

  • नागालैण्ड – 1963 में बना भारत का सोलहवाँ राज्य · Nagaland ·

    नागालैण्ड भारत का सोलहवाँ राज्य है, जिसका गठन 1 दिसंबर 1963 को हुआ। इसका इतिहास पड़ोसी असम और बर्मा से गहराई से जुड़ा रहा है, और यहाँ रहने वाली सोलह जनजातियाँ अपनी-अपनी भाषाओं, वेशभूषा और परंपराओं से इस प्रदेश को एक अनूठी सां…

  • मणिपुर – मैतै संस्कृति और मणिपुरी भाषा की भूमि · Manipur ·

    मणिपुर पूर्वोत्तर भारत का एक सुंदर पर्वतीय राज्य है, जिसके बीच में एक उपजाऊ घाटी स्थित है। इस घाटी के मूल निवासी मैतै लोग हैं, जिनकी भाषा मेइतिलोन या मणिपुरी कहलाती है। सदियों से यहाँ विकसित हुई संस्कृति – नृत्य, संगीत, खेल और…

  • मिज़ोरम – लुशाई हिल्स से 1987 में पूर्ण राज्य तक · Mizoram ·

    मिज़ोरम एक पर्वतीय प्रदेश है, जिसका आधुनिक इतिहास लुशाई पहाड़ियों से जुड़ा है। 1891 में ब्रिटिश अधिकार के बाद उत्तर का भाग असम और दक्षिण का भाग बंगाल के अधीन रहा, और 1898 में दोनों को मिलाकर लुशाई हिल्स ज़िला बनाया गया। लंबे समय…

  • त्रिपुरा – माणिक्य राजवंश और 'राजमाला' की गाथाएँ · Tripura ·

    त्रिपुरा का इतिहास बहुत पुराना है। इसकी कहानी 'राजमाला' नामक गाथाओं में दर्ज है, जो त्रिपुरा के राजाओं का वर्णन करती हैं, और महाभारत तथा पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है। कई शताब्दियों तक यहाँ त्रिपुरी राजवंश ने शासन …

  • मेघालय – 'बादलों का घर' और नवपाषाणकालीन विरासत · Meghalaya ·

    मेघालय का अर्थ है 'बादलों का घर'। यहाँ लोग नवपाषाण युग से रहते आए हैं, और अब तक मिले नवपाषाण स्थल प्रायः खासी और गारो पहाड़ियों जैसे ऊँचे स्थानों पर हैं। पुरानी झूम खेती की परंपरा आज भी यहाँ देखी जा सकती है। मानव इतिहास में…

  • पंजाब (भारत) – गुरु नानक देव और सिख परंपरा की धरती · Punjab ·

    15वीं और 16वीं शताब्दी में पंजाब के इतिहास ने नया मोड़ लिया, जब गुरु नानक देव की शिक्षाओं से यहाँ भक्ति आंदोलन को बल मिला और सिख पंथ का उदय हुआ, जिसका उद्देश्य धर्म और समाज की कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोबिंद सिंह न…

  • राजस्थान – राजपूताना, राजाओं की भूमि · Rajasthan ·

    राजस्थान को 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने 'राजपूताना' नाम दिया, और इतिहासकार जेम्स टॉड ने इसे 'राजस्थान' कहा। मध्यकाल में राजपूतों के विभिन्न वंशों ने इस क्षेत्र के अलग-अलग भागों पर शासन किया और उन्हें अपने वंशों के नाम दिए – यही वि…

  • गुजरात – द्वारका और सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत · Gujarat ·

    गुजरात का इतिहास पाषाण युग की बस्तियों से शुरू होता है, और यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य युगीन बस्तियाँ भी पनपीं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जिसे द्वारका यानी 'प्रवेशद्वार' कहा गया – यह…

  • हिमाचल प्रदेश – बर्फ़ीले पहाड़ों की 'देवभूमि' · Himachal Pradesh ·

    हिमाचल प्रदेश का अर्थ है 'बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत', और इसे 'देवभूमि' भी कहा जाता है। इसका इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव अस्तित्व – प्रदेश के कई भागों में हुई खुदाई इसकी गवाही देती है। प्राचीनकाल में यहाँ के आदि निवासी दा…

  • जम्मू और कश्मीर – 'राजतरंगिणी' और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत · Jammu und Kashmir ·

    जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। 12वीं शताब्दी में कवि कल्हण द्वारा लिखी गई 'राजतरंगिणी' कश्मीर के राजाओं का इतिहास बताती है और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों में गिनी जाती है। कश्…

  • बिहार – मगध, मिथिला और विदेह की प्राचीन भूमि · Bihar ·

    बिहार प्राचीन भारत के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों – मगध, मिथिला और अंग – से मिलकर बना है, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में विदेह राज्य कुरु और पंचाल के साथ दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और स…

  • उत्तर प्रदेश – गंगा-यमुना दोआब और प्राचीन वाराणसी · Uttar Pradesh ·

    उत्तर प्रदेश का ज्ञात इतिहास लगभग चार हज़ार वर्ष पुराना है। वैदिक सभ्यता का एक बड़ा केंद्र यहीं विकसित हुआ, जब लोग सिंधु और सतलुज के मैदानों से आकर गंगा-यमुना के दोआब और घाघरा क्षेत्र में बसे। संसार के सबसे प्राचीन नगरों में गिना …

  • आन्ध्र प्रदेश – भट्टीप्रोलु और तेलुगू भाषा की प्राचीन जड़ें · Andhra Pradesh ·

    आन्ध्र का उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 800 ई.पू.) और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। भट्टीप्रोलु में मिले शिलालेखों में तेलुगू भाषा की जड़ें खोजी गई हैं, और यहीं कुबेरका द्वारा शासित एक प्रारंभिक राज्य की राजधानी प्रतिपालपु…

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