Raipur
Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Raipur.
Aktuelle Beiträge
- सुबह की सैर का समूह बनाएँ · Raipur ·
साथ मिलकर सुबह की सैर सेहत के लिए अच्छी है और पड़ोसियों से बातचीत का मौक़ा भी देती है, ख़ासकर अकेले रहने वालों के लिए। मिलने की जगह और समय साफ़ तय कीजिए, और धीरे चलिए ताकि सब साथ चल सकें। रायपुर में कौन सुबह की सैर का समूह श…
- पड़ोसियों के साथ भाषा का आदान-प्रदान · Raipur ·
हमारे मोहल्ले में कई भाषाएँ बोलने वाले लोग रहते हैं, यह एक-दूसरे से सीखने का बढ़िया मौक़ा है। एक घंटे चाय पर मिलिए: आधा समय एक भाषा में और आधा दूसरी भाषा में बात कीजिए। धाराप्रवाह होना ज़रूरी नहीं, बस खुला मन चाहिए। आप कौन-स…
- रायपुर में दोस्तों के साथ कम ख़र्च में मौज-मस्ती · Raipur ·
दोस्तों के साथ मज़े के लिए ज़्यादा पैसे ख़र्च करना ज़रूरी नहीं। पार्क में पिकनिक, साइकिल चलाना, बोर्ड गेम या साथ मिलकर खाना बनाना भी यादगार पल बना देता है। दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनाइए और ख़र्च बाँट लीजिए। क्या रायपुर में सस्ती औ…
- तनाव के समय मन का ख़याल रखें · Raipur ·
परीक्षा के दिन या ज़िंदगी के बड़े बदलाव तनाव ला सकते हैं। पूरी नींद, धूप में टहलना और किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना बहुत मदद करता है। अगर लंबे समय तक मन भारी लगे, तो आपके इलाक़े की परामर्श सेवाएँ या शिक्षक सुनने के लिए तैया…
- छोटी दुकानें जिनका आप साथ देना चाहते हैं · Raipur ·
छोटी दुकानें हमारे मोहल्ले को ज़िंदा रखती हैं, और मुँह-ज़बानी तारीफ़ उनकी बहुत मदद करती है। रायपुर में कौन-सी दुकान आप उसकी अच्छी सेवा या बढ़िया सामान के लिए सुझाना चाहेंगे? कमेंट में लिखिए।
- स्थानीय खेल क्लब और व्यायाम समूह · Raipur ·
दूसरों के साथ व्यायाम करने से हौसला बढ़ता है और नए दोस्त भी बनते हैं, चाहे फ़ुटबॉल हो, बैडमिंटन, दौड़ या पार्क में योग। क्या आप रायपुर में ऐसे किसी समूह को जानते हैं जो नए सदस्यों का स्वागत करता है? कमेंट में जानकारी साझा कीजिए।
- परंपराएँ और मेले जिनका आपको हर साल इंतज़ार रहता है · Raipur ·
सालाना आयोजन वह मौक़ा होते हैं जब लोग घरों से निकलकर एक-दूसरे से मिलते हैं: मेले, हाट या मोहल्ले के उत्सव। रायपुर का कौन-सा आयोजन आप कभी नहीं छोड़ते, और क्यों? कमेंट में हमें बताइए।
- मेघालय – 'बादलों का घर' और नवपाषाणकालीन विरासत · Meghalaya ·
मेघालय का अर्थ है 'बादलों का घर'। यहाँ लोग नवपाषाण युग से रहते आए हैं, और अब तक मिले नवपाषाण स्थल प्रायः खासी और गारो पहाड़ियों जैसे ऊँचे स्थानों पर हैं। पुरानी झूम खेती की परंपरा आज भी यहाँ देखी जा सकती है। मानव इतिहास में…
- पंजाब (भारत) – गुरु नानक देव और सिख परंपरा की धरती · Punjab ·
15वीं और 16वीं शताब्दी में पंजाब के इतिहास ने नया मोड़ लिया, जब गुरु नानक देव की शिक्षाओं से यहाँ भक्ति आंदोलन को बल मिला और सिख पंथ का उदय हुआ, जिसका उद्देश्य धर्म और समाज की कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोबिंद सिंह न…
- राजस्थान – राजपूताना, राजाओं की भूमि · Rajasthan ·
राजस्थान को 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने 'राजपूताना' नाम दिया, और इतिहासकार जेम्स टॉड ने इसे 'राजस्थान' कहा। मध्यकाल में राजपूतों के विभिन्न वंशों ने इस क्षेत्र के अलग-अलग भागों पर शासन किया और उन्हें अपने वंशों के नाम दिए – यही वि…
- गुजरात – द्वारका और सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत · Gujarat ·
गुजरात का इतिहास पाषाण युग की बस्तियों से शुरू होता है, और यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य युगीन बस्तियाँ भी पनपीं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जिसे द्वारका यानी 'प्रवेशद्वार' कहा गया – यह…
- हिमाचल प्रदेश – बर्फ़ीले पहाड़ों की 'देवभूमि' · Himachal Pradesh ·
हिमाचल प्रदेश का अर्थ है 'बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत', और इसे 'देवभूमि' भी कहा जाता है। इसका इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव अस्तित्व – प्रदेश के कई भागों में हुई खुदाई इसकी गवाही देती है। प्राचीनकाल में यहाँ के आदि निवासी दा…
- जम्मू और कश्मीर – 'राजतरंगिणी' और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत · Jammu und Kashmir ·
जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। 12वीं शताब्दी में कवि कल्हण द्वारा लिखी गई 'राजतरंगिणी' कश्मीर के राजाओं का इतिहास बताती है और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों में गिनी जाती है। कश्…
- बिहार – मगध, मिथिला और विदेह की प्राचीन भूमि · Bihar ·
बिहार प्राचीन भारत के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों – मगध, मिथिला और अंग – से मिलकर बना है, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में विदेह राज्य कुरु और पंचाल के साथ दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और स…
- उत्तर प्रदेश – गंगा-यमुना दोआब और प्राचीन वाराणसी · Uttar Pradesh ·
उत्तर प्रदेश का ज्ञात इतिहास लगभग चार हज़ार वर्ष पुराना है। वैदिक सभ्यता का एक बड़ा केंद्र यहीं विकसित हुआ, जब लोग सिंधु और सतलुज के मैदानों से आकर गंगा-यमुना के दोआब और घाघरा क्षेत्र में बसे। संसार के सबसे प्राचीन नगरों में गिना …
- आन्ध्र प्रदेश – भट्टीप्रोलु और तेलुगू भाषा की प्राचीन जड़ें · Andhra Pradesh ·
आन्ध्र का उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 800 ई.पू.) और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। भट्टीप्रोलु में मिले शिलालेखों में तेलुगू भाषा की जड़ें खोजी गई हैं, और यहीं कुबेरका द्वारा शासित एक प्रारंभिक राज्य की राजधानी प्रतिपालपु…
- ओडिशा – ओड्र देश और कलिंग की प्राचीन भूमि · Odisha ·
ओडिशा का नाम संस्कृत के 'ओड्र देश' से निकला है। ओड्र लोगों का उल्लेख पाली और संस्कृत साहित्य में मिलता है, और प्लिनी तथा टॉलमी जैसे यूनानी लेखकों ने भी उनका वर्णन किया है। महाभारत में ओड्रों का ज़िक्र उत्कल, कलिंग और आन्ध्र के साथ हु…
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव – पुर्तगाली अतीत से 2020 तक · Dadra und Nagar Haveli und Daman und Diu ·
इस केंद्रशासित प्रदेश का इतिहास पुर्तगाली काल से गहराई से जुड़ा है। दमन और दीव 1520 के दशक से 19 दिसंबर 1961 तक पुर्तगाली भारत का हिस्सा रहे, जबकि दादरा और नगर हवेली 1779 से 1961 तक पुर्तगाली नियंत्रण में रहे। 1961 में ये क्षेत्र…
- महाराष्ट्र – अजन्ता की गुफाएँ और 'महान देश' की विरासत · Maharashtra ·
महाराष्ट्र का अर्थ है 'महान देश', और यह नाम यहाँ के संतों की देन माना जाता है। वाकाटक शासकों के समय अजन्ता की गुफाओं का निर्माण हुआ, जो आज भारत की सबसे प्रसिद्ध कलात्मक धरोहरों में से हैं। इससे बहुत पहले, लगभग 500 ईसा पूर्व, शूर्…
- गोवा – लगभग 450 वर्षों का पुर्तगाली इतिहास · Goa ·
गोवा का इतिहास तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से शुरू होता है, जब यहाँ मौर्य शासन स्थापित हुआ। बाद में सातवाहन, फिर बादामी के चालुक्य (580–750) और अनेक अन्य शासकों ने यहाँ राज किया। 1312 में यह दिल्ली सल्तनत के अधीन आया, फिर विजयनगर क…
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