Kalasapakkam

Neuigkeiten, Termine, Marktplatz und Menschen aus Kalasapakkam.

Aktuelle Beiträge

  • मिलकर पेड़-पौधों और बगीचे की देखभाल · Kalasapakkam ·

    पेड़ और फूल हमारी गली को और सुहावना बनाते हैं। गर्मियों में मिलकर पानी देना या नए पौधे लगाना हर उम्र के लोगों के लिए अच्छी गतिविधि है। बीज या कलम आपस में बाँटना भी मज़ेदार है। कलसपाक्कम में कौन हरियाली की देखभाल के लिए समूह ब…

  • घर बदलते समय मिलकर हाथ बँटाएँ · Kalasapakkam ·

    घर बदलना शरीर और मन दोनों को थका देता है। दो-तीन अतिरिक्त हाथ काम को बहुत जल्दी निपटा देते हैं। गत्ते के डिब्बे, ठेला उधार देना या सामान ढोते समय बच्चों को सँभालना भी बड़ी मदद है। अगर आप कलसपाक्कम में आ रहे हैं या यहाँ से जा र…

  • कलसपाक्कम में नए हैं और अभी दोस्त नहीं बने? · Kalasapakkam ·

    नए शहर में घुलने-मिलने में समय लगता है, इसलिए शुरुआत में पक्के दोस्त न हों तो चिंता मत कीजिए। किसी क्लब, खेल समूह या स्वयंसेवा से जुड़िए, क्योंकि वहाँ बातचीत शुरू करना आसान होता है। जिनसे अक्सर मिलते हैं उन्हें नमस्ते कहना भी अच्…

  • खेल या संगीत के साथी ढूँढिए · Kalasapakkam ·

    खेल और संगीत तनाव कम करते हैं और एक जैसी रुचि वाले लोगों से मिलाते हैं। शुरुआत में माहिर होना ज़रूरी नहीं, कई समूह नए लोगों का ख़ुशी से स्वागत करते हैं। पहली बार किसी दोस्त को साथ ले जाइए ताकि झिझक न हो। आप कौन-सा खेल या वा…

  • परंपराएँ और मेले जिनका आपको हर साल इंतज़ार रहता है · Kalasapakkam ·

    सालाना आयोजन वह मौक़ा होते हैं जब लोग घरों से निकलकर एक-दूसरे से मिलते हैं: मेले, हाट या मोहल्ले के उत्सव। कलसपाक्कम का कौन-सा आयोजन आप कभी नहीं छोड़ते, और क्यों? कमेंट में हमें बताइए।

  • छोटे बच्चों वाले परिवारों के लिए गतिविधियाँ · Kalasapakkam ·

    बहुत-से माता-पिता बच्चों के लिए सुरक्षित और किफ़ायती जगहें ढूँढते हैं। पार्क, खेल का मैदान या पुस्तकालय की गतिविधियाँ अच्छे विकल्प हो सकते हैं। कलसपाक्कम में आप बच्चों को सबसे ज़्यादा कहाँ ले जाते हैं? कमेंट में अपना अनुभव साझा की…

  • स्थानीय शब्द जो बाहर वालों को उलझा देते हैं · Kalasapakkam ·

    हर इलाक़े की अपनी बोली और अपने प्यारे शब्द होते हैं। कुछ शब्द सुनकर बाहर से आए लोग सोच में पड़ जाते हैं। कलसपाक्कम के लोग कौन-सा शब्द अक्सर बोलते हैं, और उसका मतलब क्या है? आइए कमेंट में मिलकर इन्हें इकट्ठा करें।

  • मिज़ोरम – लुशाई हिल्स से 1987 में पूर्ण राज्य तक · Mizoram ·

    मिज़ोरम एक पर्वतीय प्रदेश है, जिसका आधुनिक इतिहास लुशाई पहाड़ियों से जुड़ा है। 1891 में ब्रिटिश अधिकार के बाद उत्तर का भाग असम और दक्षिण का भाग बंगाल के अधीन रहा, और 1898 में दोनों को मिलाकर लुशाई हिल्स ज़िला बनाया गया। लंबे समय…

  • त्रिपुरा – माणिक्य राजवंश और 'राजमाला' की गाथाएँ · Tripura ·

    त्रिपुरा का इतिहास बहुत पुराना है। इसकी कहानी 'राजमाला' नामक गाथाओं में दर्ज है, जो त्रिपुरा के राजाओं का वर्णन करती हैं, और महाभारत तथा पुराणों में भी त्रिपुरा का उल्लेख मिलता है। कई शताब्दियों तक यहाँ त्रिपुरी राजवंश ने शासन …

  • मेघालय – 'बादलों का घर' और नवपाषाणकालीन विरासत · Meghalaya ·

    मेघालय का अर्थ है 'बादलों का घर'। यहाँ लोग नवपाषाण युग से रहते आए हैं, और अब तक मिले नवपाषाण स्थल प्रायः खासी और गारो पहाड़ियों जैसे ऊँचे स्थानों पर हैं। पुरानी झूम खेती की परंपरा आज भी यहाँ देखी जा सकती है। मानव इतिहास में…

  • पंजाब (भारत) – गुरु नानक देव और सिख परंपरा की धरती · Punjab ·

    15वीं और 16वीं शताब्दी में पंजाब के इतिहास ने नया मोड़ लिया, जब गुरु नानक देव की शिक्षाओं से यहाँ भक्ति आंदोलन को बल मिला और सिख पंथ का उदय हुआ, जिसका उद्देश्य धर्म और समाज की कुरीतियों को दूर करना था। दसवें गुरु गोबिंद सिंह न…

  • राजस्थान – राजपूताना, राजाओं की भूमि · Rajasthan ·

    राजस्थान को 1800 ई. में जॉर्ज थॉमस ने 'राजपूताना' नाम दिया, और इतिहासकार जेम्स टॉड ने इसे 'राजस्थान' कहा। मध्यकाल में राजपूतों के विभिन्न वंशों ने इस क्षेत्र के अलग-अलग भागों पर शासन किया और उन्हें अपने वंशों के नाम दिए – यही वि…

  • गुजरात – द्वारका और सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत · Gujarat ·

    गुजरात का इतिहास पाषाण युग की बस्तियों से शुरू होता है, और यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता की कांस्य युगीन बस्तियाँ भी पनपीं। मान्यता है कि श्रीकृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जिसे द्वारका यानी 'प्रवेशद्वार' कहा गया – यह…

  • हिमाचल प्रदेश – बर्फ़ीले पहाड़ों की 'देवभूमि' · Himachal Pradesh ·

    हिमाचल प्रदेश का अर्थ है 'बर्फ़ीले पहाड़ों का प्रांत', और इसे 'देवभूमि' भी कहा जाता है। इसका इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव अस्तित्व – प्रदेश के कई भागों में हुई खुदाई इसकी गवाही देती है। प्राचीनकाल में यहाँ के आदि निवासी दा…

  • जम्मू और कश्मीर – 'राजतरंगिणी' और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत · Jammu und Kashmir ·

    जम्मू और कश्मीर का इतिहास बहुत पुराना और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। 12वीं शताब्दी में कवि कल्हण द्वारा लिखी गई 'राजतरंगिणी' कश्मीर के राजाओं का इतिहास बताती है और भारत के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथों में गिनी जाती है। कश्…

  • बिहार – मगध, मिथिला और विदेह की प्राचीन भूमि · Bihar ·

    बिहार प्राचीन भारत के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों – मगध, मिथिला और अंग – से मिलकर बना है, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और महाकाव्यों में मिलता है। उत्तर वैदिक काल में विदेह राज्य कुरु और पंचाल के साथ दक्षिण एशिया के प्रमुख राजनीतिक और स…

  • उत्तर प्रदेश – गंगा-यमुना दोआब और प्राचीन वाराणसी · Uttar Pradesh ·

    उत्तर प्रदेश का ज्ञात इतिहास लगभग चार हज़ार वर्ष पुराना है। वैदिक सभ्यता का एक बड़ा केंद्र यहीं विकसित हुआ, जब लोग सिंधु और सतलुज के मैदानों से आकर गंगा-यमुना के दोआब और घाघरा क्षेत्र में बसे। संसार के सबसे प्राचीन नगरों में गिना …

  • आन्ध्र प्रदेश – भट्टीप्रोलु और तेलुगू भाषा की प्राचीन जड़ें · Andhra Pradesh ·

    आन्ध्र का उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 800 ई.पू.) और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। भट्टीप्रोलु में मिले शिलालेखों में तेलुगू भाषा की जड़ें खोजी गई हैं, और यहीं कुबेरका द्वारा शासित एक प्रारंभिक राज्य की राजधानी प्रतिपालपु…

  • ओडिशा – ओड्र देश और कलिंग की प्राचीन भूमि · Odisha ·

    ओडिशा का नाम संस्कृत के 'ओड्र देश' से निकला है। ओड्र लोगों का उल्लेख पाली और संस्कृत साहित्य में मिलता है, और प्लिनी तथा टॉलमी जैसे यूनानी लेखकों ने भी उनका वर्णन किया है। महाभारत में ओड्रों का ज़िक्र उत्कल, कलिंग और आन्ध्र के साथ हु…

  • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव – पुर्तगाली अतीत से 2020 तक · Dadra und Nagar Haveli und Daman und Diu ·

    इस केंद्रशासित प्रदेश का इतिहास पुर्तगाली काल से गहराई से जुड़ा है। दमन और दीव 1520 के दशक से 19 दिसंबर 1961 तक पुर्तगाली भारत का हिस्सा रहे, जबकि दादरा और नगर हवेली 1779 से 1961 तक पुर्तगाली नियंत्रण में रहे। 1961 में ये क्षेत्र…

Rubriken

Nachbarregionen

Marktplatz · Kleinanzeigen · Branchen · Veranstaltungen · Über Regionauts